यूपी में ई-ऑफिस को मिलेगी नई रफ्तार, 75 विकास भवन और 18 कमिश्नर दफ्तर जुड़ेंगे हाईस्पीड नेटवर्क से

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी कामकाज को और तेज, सुरक्षित और ऑनलाइन बनाने के लिए यूपी स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क यानी यूपी-स्वान का विस्तार करने जा रही है। यूपी-स्वान-3 के तहत प्रदेश के सभी 75 विकास भवन, 18 कमिश्नर कार्यालय के साथ बची हुई तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों को सुरक्षित हाईस्पीड डेटा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ेगी और कागजी फाइलों तथा पत्राचार पर निर्भरता कम होगी।

यूपी-स्वान-3 का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को तेज और सुरक्षित डेटा नेटवर्क उपलब्ध कराना है। इससे सरकारी विभागों के बीच डेटा, आवाज और वीडियो सेवाएं बेहतर होंगी। साथ ही नागरिकों को प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, वित्तीय सहायता और दूसरी ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

विकास भवन और कमिश्नर कार्यालय होंगे ई-ऑफिस से कनेक्ट

यूपी-स्वान-3 के तहत सभी केंद्रों को डबल लाइन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। फिलहाल राज्य मुख्यालय, 75 जिला मुख्यालय, 235 तहसील और 574 ब्लॉक मुख्यालय समेत कुल 885 प्वाइंट नेटवर्क से जुड़े हैं। अगले चरण में 1348 प्वाइंट को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

इस विस्तार के बाद बची हुई तहसीलें और ब्लॉक जिला, मंडल और राज्य मुख्यालय से सीधे जुड़ सकेंगे। अभी कई स्थानों पर सिंगल स्रोत के कारण नेटवर्क की गति और उपलब्धता प्रभावित होती है। नई व्यवस्था में दो स्रोतों से नेटवर्क उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें से एक लाइन आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखी जाएगी, ताकि किसी समस्या के दौरान ऑनलाइन सरकारी सेवाएं बाधित न हों।

यूपी-स्वान-3 में साइबर सुरक्षा पर भी जोर

सरकार वर्ष 2019 में शुरू किए गए यूपी-स्वान-2 के स्थान पर अब यूपी-स्वान-3 लाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा नेटवर्क बढ़ती जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। कई तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों के साथ विकास भवन और मंडलायुक्त कार्यालय भी इससे बाहर हैं। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

यूपी-स्वान-3 में बेहतर साइबर सुरक्षा, रियल टाइम नेटवर्क निगरानी, ज्यादा कवरेज और मजबूत कनेक्टिविटी का प्रावधान किया जा रहा है। इससे सरकारी कार्यालयों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होगा और कागजी पत्राचार पर निर्भरता घटेगी। सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में भी कम समय लगेगा।

117 करोड़ रुपये खर्च होंगे, यूपी डेस्को को मिली जिम्मेदारी

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मुताबिक यूपी-स्वान-3 पर करीब 117 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना की जिम्मेदारी यूपी डेस्को को सौंपी गई है।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अगली पीढ़ी का हाईस्पीड नेटवर्क होगा। इससे सरकारी और नागरिक सुविधाओं में तेजी आएगी, पत्रावलियों और कागजात का बोझ कम होगा तथा सरकारी योजनाओं की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी।

 

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