सूडान में सेना पर ड्रोन हमले का आरोप, बाजार में मची तबाही; 112 लोगों की मौत, बच्चों समेत कई नागरिकों की गई जान

0 21
खार्तूम: सूडान में जारी गृह युद्ध के बीच दक्षिण दारफुर के न्याला शहर में एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर ड्रोन हमला हुआ। इस हमले में 112 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हमले के लिए सूडानी सेना पर आरोप लगाए गए हैं। अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने घटना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

न्याला के तनकोंग बाजार को बनाया गया निशाना

एसोसिएटेड प्रेस और रेडियो तमाजुज की रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान में हिंसा पर नजर रखने वाले मानवाधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने मंगलवार को बताया कि हमला न्याला के डुमाया इलाके में स्थित तनकोंग बाजार पर हुआ। घटना सोमवार शाम की है। उस समय बाजार में बड़ी संख्या में आम नागरिक खरीदारी और नाश्ता कर रहे थे।

न्याला शहर पर अर्धसैनिक संगठन आरएसएफ का नियंत्रण है। संगठन ने हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अस्पताल में पहुंचे 36 शव, 150 घायलों का इलाज

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने बताया कि न्याला स्थित उसके अस्पताल में 36 शव लाए गए। अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 150 घायल लोगों का इलाज किया गया।

दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा ने रेडियो तमाजुज को बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सेना से जुड़े ड्रोन ने बाजार पर उस समय हमला किया, जब वहां आम लोग मौजूद थे।

ओबामा के अनुसार, उनके संगठन ने नागरिकों की मौत से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। रिपोर्ट में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े भी सामने आए हैं। इमरजेंसी लॉयर्स के आंकड़ों के हवाले से 100 से अधिक लोगों की मौत और 113 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। वहीं, एमएसएफ ने अपने अस्पताल में 36 शव पहुंचने और 150 घायलों का इलाज किए जाने की बात कही है।

मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल

रिपोर्ट में एडम मूसा ओबामा के हवाले से बताया गया है कि उनके संगठन ने 14 नागरिकों की मौत का दस्तावेजीकरण किया है। इस आंकड़े के साथ दी गई जानकारी में महिलाओं और बच्चों के भी हताहत होने का उल्लेख है। हालांकि, रिपोर्ट में मृतकों की संख्या और उनके विवरण को लेकर आंकड़ों में अंतर है।

ड्रोन हमलों से आम नागरिकों की जान पर खतरा

सूडान में सेना और आरएसएफ के बीच जारी संघर्ष के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और आरएसएफ, दोनों ही विस्फोटकों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे हमलों से बाजारों और अन्य नागरिक ठिकानों पर खतरा बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूडानी सेना ने पिछले सप्ताह विवादित अब्येई क्षेत्र के एक बाजार पर भी ड्रोन हमला किया था। उस घटना में 150 से अधिक लोगों की मौत होने की बात कही गई थी। लगातार हो रहे हमलों से संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा का संकट गहराता जा रहा है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.