7000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर दौड़ती है ट्रेन, पहाड़ों के बीच बना है भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

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दार्जिलिंग: भारत का रेलवे नेटवर्क सिर्फ मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पहाड़ों की ऊंचाइयों तक भी फैला हुआ है। देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी है जहां ट्रेन समुद्र तल से 7000 फीट से ज्यादा ऊंचाई तक पहुंचती है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित यह स्टेशन अपनी ऊंचाई, ऐतिहासिक महत्व और शानदार इंजीनियरिंग के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।

7407 फीट की ऊंचाई पर स्थित है घूम रेलवे स्टेशन

भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित घूम रेलवे स्टेशन है। रेलवे दस्तावेजों के अनुसार, इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 7407 फीट यानी लगभग 2258 मीटर है। यह स्टेशन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का हिस्सा है और यहां से गुजरने वाली ट्रेन यात्रा अपने आप में एक अनोखा अनुभव देती है।

घूम स्टेशन से होकर गुजरने वाली दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को आमतौर पर टॉय ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है। यह रेलवे लाइन न्यू जलपाईगुड़ी को दार्जिलिंग से जोड़ती है।

पहाड़ों पर रेलवे लाइन बिछाना नहीं था आसान

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का निर्माण वर्ष 1879 से 1881 के बीच किया गया था। पहाड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन तैयार करना इंजीनियरों के लिए बड़ी चुनौती थी। सीधी चढ़ाई के बजाय जिग-जैग रिवर्स और लूप तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे ट्रेन धीरे-धीरे ऊंचाई हासिल कर सके।

इस रेलवे मार्ग पर छह जिग-जैग रिवर्स और तीन लूप बनाए गए हैं। इन्हीं तकनीकों की मदद से ट्रेन पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ती है। घूम स्टेशन इस पूरी रेल लाइन का सबसे ऊंचा स्थान है, जिसके बाद ट्रेन दार्जिलिंग की ओर नीचे उतरती है।

बादलों और पहाड़ों के बीच सफर का अलग अनुभव

घूम रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेन यात्रा सामान्य रेल सफर से काफी अलग होती है। पहाड़ी ढलानों, घने जंगलों और बदलते मौसम के बीच ट्रेन आगे बढ़ती है। कई बार धुंध और बादलों के बीच से गुजरती ट्रेन यात्रियों को ऐसा अनुभव कराती है जैसे सफर आसमान के करीब हो रहा हो।

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को वर्ष 1999 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह भारत की उन ऐतिहासिक पर्वतीय रेल प्रणालियों में शामिल है, जिसने कठिन पहाड़ी इलाकों में रेल संपर्क स्थापित करने की मिसाल पेश की।

घूम रेलवे स्टेशन से जुड़े खास तथ्य

  • घूम रेलवे स्टेशन की ऊंचाई करीब 7407 फीट है।
  • यह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित है।
  • यह दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का हिस्सा है।
  • दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की लंबाई करीब 88 किलोमीटर है।
  • यह 2 फीट नैरो गेज रेलवे लाइन है।
  • यह न्यू जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग को जोड़ती है।
  • दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को टॉय ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है।
  • घूम स्टेशन के बाद रेल लाइन दार्जिलिंग की ओर उतरती है।

 

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