नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
गौतमबुद्धनगर: शैक्षिक सत्र 2026-27 में नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का जनपद के गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की यह योजना समान शिक्षा के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः एक भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहने पाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध एवं जवाबदेही के साथ पूर्ण कराया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनआरएलएम स्वयंसेवी संस्थाएं, ग्राम प्रधान, आरडब्ल्यूए, जिला पंचायत राज अधिकारी, विकास प्राधिकरण तथा नगर पालिका की कूड़ा संग्रहण गाड़ियों में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से डोर-टू-डोर एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाए, ताकि योजना की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की अनियमितता, भेदभाव या अतिरिक्त शुल्क की मांग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विद्यालय शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस योजना की सफलता सटीक एवं निष्पक्ष सत्यापन पर निर्भर करती है। उन्होंने शिक्षा विभाग का अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक कराते हुए यह सुनिश्चित करायें कि लेखपालों द्वारा स्थलीय जांच कर ही आय प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। गलत या फर्जी आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, निलंबन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का रैंडम सैंपल सत्यापन कराया जाए और संदेहास्पद मामलों में पुनः जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
प्रवेश प्रक्रिया, लॉटरी तिथियां एवं लाभ
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न कराई जाएगी —
प्रथम चरण: आवेदन/सत्यापन – 02 फरवरी से 16 फरवरी 2026, लॉटरी – 18 फरवरी 2026
द्वितीय चरण: आवेदन/सत्यापन– 21 फरवरी से 07 मार्च 2026, लॉटरी –09 मार्च 2026
तृतीय चरण: आवेदन/सत्यापन – 12 मार्च से 25 मार्च 2026, लॉटरी – 27 मार्च 2026
योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को कक्षा 8 तक नि:शुल्क शिक्षा, किताबें एवं यूनिफॉर्म की क्रय हेतु ₹5000 प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही विद्यालयों को प्रति छात्र/छात्रा ₹450 प्रति माह की शुल्क प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाएगी।
पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया
अलाभित समूह के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग बच्चे, एचआईवी या कैंसर पीड़ित माता-पिता के बच्चे तथा अनाथ बच्चे आवेदन के पात्र होंगे। दुर्बल वर्ग में बीपीएल/अंत्योदय कार्ड धारक, दिव्यांगता, वृद्धावस्था या विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता परिवारों के बच्चे तथा जिनके माता-पिता/संरक्षक की वार्षिक आय ₹1 लाख तक हो, वे भी पात्र होंगे। पात्रता हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
प्रवेश हेतु आवेदन वेबसाइट rte25-upsdc-gov-in के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे तथा विद्यालय आवंटन ऑनलाइन लॉटरी द्वारा किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी अथवा हेल्पलाइन नंबर 8826478500, 8700125169, 9540338191, 7011311768, 9990203949 पर संपर्क किया जा सकता है। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।