उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: 7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त, 819 पंचायत भवन बने; तीर्थों तक रोपवे परियोजनाएं तेज
उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार कई मोर्चों पर तेजी से काम कर रही है। गांवों से लेकर तीर्थ स्थलों तक संपर्क व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से सड़कें गड्ढामुक्त करने, पंचायत भवनों के निर्माण और रोपवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की ओर से इन योजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की गई।
सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ना और धार्मिक पर्यटन को सुगम बनाना है, ताकि राज्य के विकास को नई गति मिल सके।
चार साल में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण
विधानसभा सत्र के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार पिछले चार वर्षों में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण कराया गया है। राज्य में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर हालत में थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पंचायतीराज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर इन जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर काम अभी भी जारी है।
मानसून से पहले और बाद में 7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त
सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2025-26 में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान मानसून से पहले 3,134 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया, जबकि मानसून के बाद 4,149.17 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें भी गड्ढामुक्त बनाया गया।
इस तरह पूरे वर्ष में सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढों से मुक्त किया गया। सड़क सुधार अभियान पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे आवागमन आसान होगा और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
हरिद्वार जिले में 313 किमी सड़कें सुधारी गईं
सड़क मरम्मत अभियान के तहत अकेले हरिद्वार जिले में 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है। विभाग का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी राहत मिली है और परिवहन व्यवस्था बेहतर हुई है।
रोपवे परियोजनाओं से तीर्थ यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा
राज्य में धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक बनाने के लिए कई रोपवे परियोजनाओं पर भी काम तेजी से चल रहा है। कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे सेवा का संचालन शुरू हो चुका है।
इसके अलावा पूर्णागिरी, यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाएं विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रही हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से तीर्थ यात्रियों की यात्रा आसान होगी और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।