नोएडा अथॉरिटी की नई बिल्डिंग अगले महीने होगी खुलने वाली, अब नहीं काटने होंगे अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर
नोएडा अथॉरिटी का नया प्रशासनिक कार्यालय अप्रैल 2026 में आम जनता के लिए खोलने की तैयारी में है। सेक्टर-96 में स्थित इस नई बिल्डिंग का निर्माण और फिनिशिंग का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है। नई बिल्डिंग से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अब अलग-अलग विभागों के दफ्तर एक ही छत के नीचे शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि लोगों को अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे की बचत होगी।
बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं
अधिकारियों के अनुसार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित यह नया कार्यालय आसपास के सेक्टरों और शहर के अन्य हिस्सों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। नोएडा अथॉरिटी के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि ‘हमने निर्माण और फिनिशिंग का काम पूरा कर लिया है। उम्मीद है कि अगले महीने बिल्डिंग आम जनता के लिए खुल जाएगी। इसके बाद अलग-अलग विभागों के दफ्तर इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिए जाएंगे, जिससे आम लोगों को तेज और बेहतरीन सेवाएं मिलेंगी।’
लोगों को मिलेगा बड़ा लाभ
गौतम बुद्ध नगर जिला विकास रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि वर्तमान में मुख्य कार्यालय सेक्टर-6 में, बागवानी विभाग सेक्टर-39 में और जल विभाग सेक्टर-5 से संचालित होता है। नया कार्यालय शुरू होने के बाद नागरिकों को इन सभी विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी, जो समय और ऊर्जा दोनों की बचत करेगा।
मौजूदा कार्यालय में जगह की कमी और पार्किंग की समस्या
पुराने सेक्टर-6 कार्यालय में जगह की कमी और पर्याप्त पार्किंग न होने के कारण लोग वाहनों को सड़क पर खड़ा करते हैं, जिससे भीड़भाड़ की स्थिति बनी रहती है। नई बिल्डिंग में पर्याप्त स्थान और सुविधाओं के साथ पार्किंग की समस्या का समाधान भी होगा।
निर्माण में हुई देरी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट
नए कार्यालय का निर्माण कार्य 5 जनवरी 2016 को शुरू हुआ था और इसे 2 जनवरी 2019 तक पूरा करने की डेडलाइन थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी और पुराने कॉन्ट्रैक्टर से जुड़े मुद्दों के कारण इसमें देरी हुई। बाकी बचे निर्माण कार्य के लिए नया कॉन्ट्रैक्टर लगाया गया। इस दौरान इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट भी करवाई गई। दिसंबर 2024 में आई रिपोर्ट में दीवारों, बीम और खंभों में खामियों का पता चला था, जिन्हें अधिकारियों ने सुझाए गए सुधारों के साथ पूरा कर लिया।