नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा पर हाई लेवल बैठक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश
गौतमबुद्धनगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस में एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (AEPC) और एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियों, समन्वय तंत्र और आधुनिक आधारभूत संरचना की विस्तृत समीक्षा पावर प्रजेंटेशन के जरिए की गई।
आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई पर जोर
जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीडीएमए, यमुना विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में समयबद्ध, प्रभावी और एकीकृत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल जरूरी बताया गया।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रस्तुत की विस्तृत योजना
बैठक के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने आपातकालीन प्रबंधन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। बताया गया कि यह समिति नागरिक उड्डयन मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना-2016 और DGCA के प्रावधानों के तहत गठित की गई है, जो एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करती है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं की समीक्षा
बैठक में एयरपोर्ट की आपातकालीन व्यवस्थाओं का व्यापक मूल्यांकन किया गया। इस दौरान ICAO अनुलग्नक-14, DGCA CAR और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक नियामक और संरचनात्मक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
सामूहिक दुर्घटनाओं और संभावित आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने मॉक ड्रिल और आपातकालीन अभ्यासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद स्तर के अधिकारियों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
ड्रोन और लेजर लाइट पर सख्त प्रतिबंध के निर्देश
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही एयरपोर्ट की परिधि से 18 किलोमीटर तक लेजर लाइट के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा, ताकि हवाई सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को रोका जा सके।

निर्माण और पर्यावरण मानकों के पालन के निर्देश
यमुना विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि भवन निर्माण से पहले निर्धारित कलर कोड और ऊंचाई मानकों को बोर्ड से अनुमोदित कराया जाए। इसके साथ ही एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में कूड़े के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पालन हो सके।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, एसीपी सार्थक सेंगर समेत पुलिस, अग्निशमन, सीआईएफ, एनडीआरएफ, आपातकालीन सेवाएं, DGCA, एपीएचओ और एयरपोर्ट प्रबंधन टीम के प्रतिनिधि सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।