विकास कार्यों में देरी और लापरवाही पर CM योगी का सख्त रुख, PWD अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश

0 23

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, मानक और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास प्रस्ताव तैयार कर एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजे जाएं, ताकि जून के पहले सप्ताह में उन्हें स्वीकृति दी जा सके।

जनप्रतिनिधियों के हाथों ही हो भूमि पूजन और शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही या ठेकेदारों की गलतियों के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा कराना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

हर क्षेत्र की जरूरत को मिले समान प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सड़क और संपर्क व्यवस्था किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की आधारशिला होती है। सड़क, पुल और संपर्क मार्ग केवल आवागमन के साधन नहीं बल्कि व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति देने वाले माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय “पिक एंड चूज” की प्रवृत्ति से बचें और सभी क्षेत्रों की आवश्यकताओं को समान महत्व दिया जाए।

हर परियोजना के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश

सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में संचालित प्रत्येक परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। यह अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की निगरानी करेगा और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा रिपोर्ट समय पर शासन को भेजी जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को प्रत्येक जिले में अलग टीम भेजकर स्थलीय निरीक्षण और स्वतंत्र समीक्षा कराने के निर्देश दिए गए।

ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों के पास बनेंगे हेलीपैड

मुख्यमंत्री ने आपात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड निर्माण को आवश्यक बताते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य आपातकाल और अन्य संकट की स्थिति में हेलीपैड बेहद उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के निकट हेलीपैड बनाए जाएं। साथ ही इनके रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपने और उपयोग के लिए शुल्क व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।

सड़क निर्माण में तकनीकी नवाचार अपनाने पर जोर

वैश्विक परिस्थितियों के चलते ईंधन और बिटुमेन की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को तकनीकी नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार कार्यप्रणाली में व्यावहारिक सुधार जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने दो किलोमीटर तक के ग्रामीण मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड निर्माण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिटुमेन की खपत कम करने के लिए जीएसबी की जगह सीटीएसबी और डब्ल्यूएमएम के स्थान पर सीमेंट ट्रीटेड बेस तकनीक को प्राथमिकता देने को कहा, ताकि सड़क निर्माण अधिक टिकाऊ और किफायती बन सके।

सीएम ग्रिड योजना की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की “सीएम ग्रिड” योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसकी गति और तेज किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर विकास विभाग स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रदेश के हर मोहल्ले और कॉलोनी तक बेहतर सड़क और संपर्क व्यवस्था पहुंचे।

30 हजार से ज्यादा प्रस्तावों पर जल्द होगी कार्रवाई

बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग के 17 मदों के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 30 हजार से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए योजनाओं को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

बैठक में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.