मुल्लांपुर: आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए इस बड़े मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोककर मैच का पूरा रुख बदल दिया। हालांकि वह आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतक से महज 3 रन दूर रह गए, लेकिन मैच के बाद दिया गया उनका बयान अब खूब चर्चा में है।
15 साल के इस युवा बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और हैदराबाद के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वैभव सूर्यवंशी ने यशस्वी जायसवाल के साथ पहले विकेट के लिए 125 रनों की विस्फोटक साझेदारी कर राजस्थान रॉयल्स को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। उनकी बल्लेबाजी के सामने सनराइजर्स के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।
29 गेंदों में मचाया तूफान
वैभव सूर्यवंशी ने मैदान के चारों तरफ आक्रामक शॉट लगाए और बेहद कम समय में मैच को राजस्थान की पकड़ में पहुंचा दिया। वह क्रिस गेल के सबसे तेज आईपीएल शतक के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंच गए थे, लेकिन 29वीं गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। इसके साथ ही उनका शतक पूरा करने का सपना अधूरा रह गया।
हालांकि पारी खत्म होने के बाद वैभव का बयान क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत गया। उन्होंने साफ कहा कि बल्लेबाजी के दौरान उनके दिमाग में शतक जैसा कोई लक्ष्य नहीं था। वह सिर्फ टीम के लिए खेलने और वही करने की कोशिश कर रहे थे, जो उन्होंने नेट्स में अभ्यास के दौरान किया था।
शतक नहीं, टीम के लिए खेलना था लक्ष्य
मैच के बाद बातचीत में वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि टीम के सभी कोचों ने उन्हें यही सलाह दी थी कि मैच में वही खेल दिखाएं जो वह अभ्यास सत्र में करते हैं। उन्होंने कहा कि शतक को लेकर उन्होंने ज्यादा नहीं सोचा। वैभव के मुताबिक उन्होंने गेंद को देखकर शॉट खेला था और अगर वह गेंद डीप थर्ड मैन के ऊपर से सही तरीके से निकल जाती, तो शायद नतीजा अलग हो सकता था।
युवा बल्लेबाज ने साफ कर दिया कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा अहम टीम की जरूरत और मैच जिताने वाला योगदान है।
राजस्थान ने खड़ा किया विशाल स्कोर
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए ध्रुव जुरेल ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ा। हालांकि मध्यक्रम के बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके।
सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से प्रफुल्ल हिंगे सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 54 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, लेकिन राजस्थान के बल्लेबाजों के आक्रामक खेल के सामने उनकी मेहनत टीम को राहत नहीं दिला सकी।