बीजेपी ने चार राज्यों में संगठनात्मक बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की कमान
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने चारों राज्यों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को धार देने की कोशिश की है।
दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली बीजेपी की कमान अब केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है। हर्ष मल्होत्रा पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वह दिल्ली बीजेपी के महासचिव रह चुके हैं और एमसीडी में मेयर पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने 2012 में वेलकम कॉलोनी से पार्षद चुनाव जीतकर की थी।
पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों बने नए प्रदेश अध्यक्ष
पंजाब बीजेपी की कमान पार्टी ने केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी है। जाट सिख चेहरे के तौर पर पहचान रखने वाले केवल सिंह ढिल्लों बरनाला जिले से आते हैं और विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था, जबकि 2017 और 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2022 में कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था और अब उन्हें पार्टी की प्रदेश कमान सौंपी गई है।
हरियाणा की जिम्मेदारी अर्चना गुप्ता को
हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अर्चना गुप्ता को दी गई है। अर्चना गुप्ता बीजेपी की प्रदेश महामंत्री और महिला मोर्चा अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे पानीपत जिले में संगठन के कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। पेशे से डॉक्टर अर्चना गुप्ता का सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय योगदान रहा है और वे विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़ी रही हैं।
त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को कमान
त्रिपुरा बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय बनाए गए हैं। युवा नेता और वर्तमान विधायक अभिषेक देबरॉय को संगठन ने बड़ी जिम्मेदारी देकर युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उनकी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री माणिक साहा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।
वीरेंद्र सचदेवा को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली बीजेपी के निवर्तमान अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 25 साल बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसे संगठन बड़ी उपलब्धि मान रहा है।