महिला सशक्तिकरण की मिसाल: IAS अर्चना अग्रवाल को मिली राजस्व परिषद की कमान, जानिए उनका प्रशासनिक सफर

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपते हुए राजस्व परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया है। राजस्व परिषद के अध्यक्ष पद पर तैनात रहे अनिल कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद यह नियुक्ति की गई है। अर्चना अग्रवाल का कार्यकाल लगभग चार महीने का होगा, क्योंकि वह इसी वर्ष सितंबर में सेवा से सेवानिवृत्त होने वाली हैं।

राज्य सरकार ने उन्हें राजस्व परिषद की जिम्मेदारी के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। प्रशासनिक अनुभव और प्रभावी कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली अर्चना अग्रवाल प्रदेश की वरिष्ठ और तेजतर्रार अधिकारियों में गिनी जाती हैं।

कौन हैं अर्चना अग्रवाल?

अर्चना अग्रवाल वर्ष 1990 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह 16 अप्रैल 2016 से 16 अक्टूबर 2025 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहीं। केंद्र से वापसी के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में दोबारा कार्यभार संभाला।

24 अक्टूबर 2025 को उन्हें परिवहन विभाग में अपर मुख्य सचिव और राज्य सड़क परिवहन निगम की अध्यक्ष बनाया गया था। अब सरकार ने उन्हें प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक राजस्व परिषद की कमान सौंपी है।

राजस्व परिषद का अध्यक्ष पद क्यों है अहम?

उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त और राजस्व परिषद अध्यक्ष जैसे पद प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन पदों पर आमतौर पर वरिष्ठतम आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है।

राजस्व परिषद प्रदेश में भूमि विवादों, भू-अभिलेख, राजस्व प्रशासन, प्रशासनिक अपीलों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्थाओं में शामिल है। ऐसे में परिषद के अध्यक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

राजस्व विभाग में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी

अर्चना अग्रवाल की नियुक्ति के साथ ही उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के तीनों प्रमुख पदों पर महिला आईएएस अधिकारियों की तैनाती हो गई है। इसे प्रशासनिक व्यवस्था में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजस्व विभाग की नीतिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारी पहले से ही प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू के पास है। वहीं राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कंचन वर्मा कार्यरत हैं। अब अर्चना अग्रवाल के अध्यक्ष बनने के बाद विभाग के शीर्ष तीनों पद महिला अधिकारियों के पास आ गए हैं।

अनुभव और नेतृत्व के आधार पर मिली जिम्मेदारी

अर्चना अग्रवाल को विभिन्न विभागों में लंबे प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता के चलते यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में राजस्व परिषद की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी।

राजस्व प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

राजस्व परिषद, प्रमुख सचिव राजस्व और परिषद सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिला अधिकारियों की तैनाती प्रशासनिक क्षेत्र में महिला नेतृत्व की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

 

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