दिसपुर: असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि राज्य विधानसभा के 12 विधायक आज मंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 12:45 बजे आयोजित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राज्य में मुख्यमंत्री सहित कुल मंत्रियों की संख्या 17 हो जाएगी। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार असम में अधिकतम 19 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में दो पद अभी भी रिक्त रहेंगे, जिन्हें भविष्य में आवश्यकता के अनुसार भरा जा सकता है।
इन 12 विधायकों को मिलेगा मंत्रिमंडल में स्थान
आज मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों की सूची इस प्रकार है—
- अश्विनी राय सरकार
- अशोक सिंघल
- बिमल बोरा
- बिस्वजीत दैमारी
- जयंत मल्लाबरुआ
- कौशिक राय
- केशव महंत
- कृष्णेंदु पॉल
- नीलिमा देवी
- पीयूष हजारिका
- डॉ. रनोज पेगु
- सुसंता बोरगोहेन
तीन नए चेहरों को मिलेगा मौका
मंत्रिमंडल विस्तार में तीन नए चेहरों को शामिल किया जा रहा है। इनमें भाजपा के अश्विनी राय सरकार, नीलिमा देवी और सुसंता बोरगोहेन प्रमुख हैं। इसके अलावा असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंत भी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। केशव महंत इससे पहले भी राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वहीं अशोक सिंघल, रनोज पेगु, बिमल बोरा, जयंत मल्लाबरुआ, कौशिक राय, कृष्णेंदु पॉल और पीयूष हजारिका जैसे नेता पिछली सरकार में भी मंत्री पद संभाल चुके हैं।
12 मई को मुख्यमंत्री समेत पांच नेताओं ने ली थी शपथ
गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 मई को दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके साथ चार अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। इनमें असम गण परिषद के अतुल बोरा, बीपीएफ के चरण बोरो तथा भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली शामिल थे।
अब 12 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद का आकार काफी बड़ा हो जाएगा और सरकार विभिन्न विभागों के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगी।
महिला प्रतिनिधित्व बरकरार
नए मंत्रिमंडल में भाजपा की अजंता नियोग और नीलिमा देवी दो महिला मंत्री होंगी। इस तरह मंत्रिपरिषद में महिला प्रतिनिधित्व का स्तर पिछली सरकार के समान बना रहेगा।
गठबंधन का संतुलन भी कायम
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार में भाजपा का दबदबा बरकरार रहेगा। नई संरचना में भाजपा के 13 मंत्री, असम गण परिषद के 2 मंत्री और बीपीएफ का 1 मंत्री शामिल होगा। इससे एनडीए गठबंधन के भीतर राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की रणनीति भी स्पष्ट दिखाई देती है।