नमो भारत परियोजना को मिलेगी रफ्तार, ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो मॉडल पर खरीदी जाएगी जमीन; दिल्ली से धारूहेड़ा तक प्रस्तावित है कॉरिडोर
गुरुग्राम: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में नमो भारत ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के उद्देश्य से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की तर्ज पर जमीन मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीदने की योजना बनाई जा रही है।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) ने इस संबंध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को अपनी भूमि खरीद नीति की जानकारी दे दी है। माना जा रहा है कि इस मॉडल से परियोजना के क्रियान्वयन में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान तक कनेक्टिविटी की तैयारी
एनसीआरटीसी ने दिल्ली से गुरुग्राम, रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के बहरोड़ तक नमो भारत ट्रेन संचालन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा दिल्ली से सोनीपत, पानीपत और करनाल तक एक अन्य कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।
हरियाणा सरकार इन दोनों प्रस्तावित मार्गों को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से शुरू किया जा सकेगा।
निजी भूमि खरीदने के लिए अपनाया जाएगा सहमति मॉडल
एनसीआरटीसी ने बताया था कि प्रस्तावित मार्गों पर कई स्थानों पर निजी व्यक्तियों की भूमि भी आ रही है। इसके बाद एचएमआरटीसी ने सुझाव दिया कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की तरह यहां भी भूमि मालिकों से सहमति के आधार पर सीधे जमीन खरीदी जाए।
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से पारंपरिक भूमि अधिग्रहण की तुलना में कम समय लगेगा और कानूनी अड़चनें भी कम होंगी।
भूमि खरीद के लिए बनाई गई 10 सदस्यीय समिति
जमीन खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
यह समिति भूमि मूल्यांकन, बातचीत और खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेगी तथा आवश्यक मामलों में निर्णय लेने का काम करेगी।
पारंपरिक अधिग्रहण प्रक्रिया से बचना चाहती है एजेंसी
एनसीआरटीसी ने पहले ही राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि यदि वर्ष 2013 की भूमि अधिग्रहण व्यवस्था के तहत जमीन ली जाती है तो परियोजना में काफी देरी हो सकती है। इसी कारण आपसी सहमति आधारित भूमि खरीद मॉडल को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया था।
अब राज्य सरकार की मौजूदा नीति को आधार बनाकर परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा।
पहले चरण में धारूहेड़ा तक चलेगी नमो भारत ट्रेन
परियोजना के तहत पहले चरण में दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के धारूहेड़ा तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना है। शुरुआती प्रस्ताव में ट्रेन को राजस्थान के बहरोड़ तक ले जाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल पहले चरण को धारूहेड़ा तक सीमित रखा गया है।
दूसरे चरण में इस कॉरिडोर का विस्तार कर बहरोड़ को भी जोड़ा जाएगा।
इन स्थानों पर प्रस्तावित हैं स्टेशन
पहले चरण में दिल्ली और हरियाणा में कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। दिल्ली में सराय काले खां, जोरबाग, मुनीरका और एरोसिटी स्टेशन बनाए जाएंगे।
वहीं हरियाणा में साइबर सिटी, इफको चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पचगांव, बिलासपुर और धारूहेड़ा स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन स्टेशनों के जरिए दिल्ली, गुरुग्राम और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।