नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे वरिष्ठ प्रशासक तरुण कपूर को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में उनके कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही वह 10 जून 2026 से अगले एक साल तक प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।
ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक नीतियों की गहरी समझ रखने वाले तरुण कपूर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद सलाहकारों में गिना जाता है। उनके कार्यकाल में विस्तार को प्रशासनिक और नीतिगत निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिमाचल से शुरू हुआ प्रशासनिक सफर
1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे तरुण कपूर हिमाचल प्रदेश कैडर से जुड़े रहे हैं। उनका मूल संबंध हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से है। प्रशासनिक सेवा के शुरुआती दौर से ही उन्होंने एक दूरदर्शी और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई।
अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और नीति निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
क्यों कहा जाता है ‘सोलर मैन’?
तरुण कपूर को प्रशासनिक जगत में ‘सोलर मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पहचान उन्हें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के कारण मिली।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल कीं। स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और टिकाऊ ऊर्जा ढांचे को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को व्यापक रूप से सराहा गया।
कई अहम मंत्रालयों में निभाई जिम्मेदारी
अपने प्रशासनिक करियर में तरुण कपूर ने हिमाचल प्रदेश सरकार में ऊर्जा, वन और शहरी विकास जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। बाद में केंद्र सरकार में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में वरिष्ठ पदों पर काम किया।
उन्होंने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। इसके अलावा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के रूप में उनका कार्यकाल भी बेहद अहम माना जाता है। इसी पद से वह वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे।
सेवानिवृत्ति के बाद मिली पीएमओ में जिम्मेदारी
सेवानिवृत्ति के बाद उनके अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए मई 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। ऊर्जा क्षेत्र, आधारभूत संरचना विकास और आर्थिक मामलों पर उनकी गहरी पकड़ के चलते प्रधानमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी रही।
जून 2024 में उनका कार्यकाल पहले भी बढ़ाया गया था। अब नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति ने उनके कार्यकाल को एक और वर्ष के लिए विस्तार देने का फैसला किया है।
नीति निर्माण में निभा रहे अहम भूमिका
प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए तरुण कपूर विभिन्न रणनीतिक और विकासात्मक परियोजनाओं से जुड़े मामलों पर सलाह देते रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा, हरित ऊर्जा, शहरी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता सरकार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उनके कार्यकाल में विस्तार को केंद्र सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं और दीर्घकालिक नीतियों के क्रियान्वयन में निरंतरता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।