जेवर (ग्रेटर नोएडा): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत के साथ यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। 15 जून से एयरपोर्ट पर इंडिगो की कमर्शियल उड़ानें शुरू होने के साथ ही दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे का नया इंटरचेंज भी आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर समेत आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले यात्रियों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
एयरपोर्ट को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए तैयार किया गया यह इंटरचेंज यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सीधे जोड़ता है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में कम समय लगेगा और सफर भी अधिक सुविधाजनक होगा।
इंटरचेंज पूरी तरह तैयार, एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा रास्ता
दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश सीमा में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का हिस्सा और यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट को जोड़ने वाला इंटरचेंज पूरी तरह तैयार हो चुका है। एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए खोल दिया जाएगा।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का लगभग 800 मीटर लंबा हिस्सा सीधे एयरपोर्ट परिसर तक पहुंच प्रदान करेगा, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
यात्रियों को मिलेगी टोल में बड़ी राहत
यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली-एनसीआर से नोएडा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। इंटरचेंज से जुड़ा 32 किलोमीटर का सफर पूरी तरह टोल फ्री रहेगा। यमुना प्राधिकरण ने इस हिस्से पर किसी प्रकार का अतिरिक्त टोल नहीं लगाने का फैसला किया है।
हालांकि आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले यात्रियों को जेवर टोल प्लाजा पर निर्धारित टोल शुल्क देना होगा। इसके बाद इंटरचेंज से एयरपोर्ट तक जाने के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ऐसे पहुंचेगा वाहन सीधे एयरपोर्ट
ग्रेटर नोएडा और दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेसवे पर 32 किलोमीटर माइलस्टोन के पास बने इंटरचेंज से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर पहुंचेंगे और वहां से सीधे एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
वहीं आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले यात्री भी निर्धारित लूप के जरिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़कर सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।
2027 तक पूरा होगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, दिल्ली-मुंबई लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश क्षेत्र में अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पूरी परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के साथ ही इंटरचेंज और एयरपोर्ट से जुड़े मार्ग को आम लोगों के लिए चालू कर दिया जाएगा, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।