अमरनाथ यात्रा पर गृह मंत्री का बड़ा संदेश, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बनेगा अभेद्य कवच; ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

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नई दिल्ली: आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी श्रद्धालु पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को बहुस्तरीय और अभेद्य सुरक्षा तंत्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाए। यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस सिस्टम और अन्य उन्नत उपकरणों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।

यात्रा मार्ग और पर्यटन स्थलों पर रहेगी कड़ी नजर

गृह मंत्री ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को यात्रा मार्गों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्थानीय लोगों और पशुओं का होगा पंजीकरण

बैठक में यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों, सेवा प्रदाताओं और पशुओं के पंजीकरण पर भी जोर दिया गया। इसके लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए कहा गया है।

57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक संचालित होगी। श्रद्धालु अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग के जरिए पवित्र गुफा तक पहुंच सकेंगे।

मौसम के अनुसार तय होगी श्रद्धालुओं की आवाजाही

गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के जत्थों की आवाजाही संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि शिविर स्थलों पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें ताकि किसी भी स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों की तैनाती

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कई आधुनिक सुरक्षा उपकरण तैनात किए हैं। इनमें पोर्टेबल जैमर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक पहचान उपकरण, एक्स-रे बैग स्कैनर, वाहन स्कैनिंग सिस्टम, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर समेत कई अत्याधुनिक संसाधन शामिल हैं।

क्यूआर आधारित पहचान प्रणाली से होगी निगरानी

यात्रा मार्ग पर कार्यरत मजदूरों, विक्रेताओं और अन्य लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए क्यूआर आधारित पहचान एप भी शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अनधिकृत व्यक्तियों की घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

सुरक्षा तैयारियों का लिया गया जायजा

सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रा मार्गों का दौरा भी किया है। सुरक्षा बलों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सक्रिय रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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