CM योगी ने विधायक बाबूलाल पर ली मजाकिया चुटकी, बोले- ‘सड़क बनवा देंगे, अब महात्माओं के साथ ही रहिए’; चुनावी संकेतों की चर्चा तेज
आगरा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान फतेहपुर सीकरी से विधायक चौधरी बाबूलाल पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली। मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद बैठक कक्ष में मौजूद जनप्रतिनिधियों के बीच हंसी का माहौल बन गया, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे हैं।
बैठक शुरू होने से पहले ही छेड़ दिया मजाक
रविवार को कमिश्नरी सभागार में विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल पर पड़ी। उन्हें देखकर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि बाबूलाल जी यहां क्यों बैठे हैं, उन्हें तो अपने सांसद राजकुमार चाहर के पास बैठना चाहिए। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर बैठक में मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे।
मंदिर तक सड़क निर्माण की मांग पर आया दिलचस्प जवाब
बैठक के दौरान जब फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की बारी आई तो विधायक चौधरी बाबूलाल ने अपने क्षेत्र के विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने रुनकता स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर तक सड़क निर्माण कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। साथ ही यह भी बताया कि मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महात्मा निवास करते हैं।
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सड़क तो बनवा ही दी जाएगी, लेकिन बाबूलाल जी अब आप भी बाकी सब छोड़िए और महात्माओं के साथ ही रहिए। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों के बीच ठहाके गूंज उठे।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी टिप्पणियां
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आए बगावती तेवरों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मौकों पर विधायक चौधरी बाबूलाल को लेकर इसी तरह के हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी कर चुके हैं। रविवार की बैठक में भी उनका यही अंदाज देखने को मिला।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी चर्चाएं
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को लेकर अब राजनीतिक विश्लेषण शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित चुनावी संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। फतेहपुर सीकरी सीट पर सक्रिय दावेदारों के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई लोग मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर इशारा हो सकती है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।