शेयर बाजार ने बढ़त के साथ की शुरुआत, फार्मा-मेटल शेयरों में दमदार खरीदारी; जानें किन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर
नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी दर्ज की गई, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा।
निफ्टी और सेंसेक्स हरे निशान में खुले
सोमवार, 29 जून को बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी 24,061 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि सेंसेक्स 26 अंकों की बढ़त के साथ 77,132 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती सत्र में निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों की ओर अधिक दिखाई दिया।
फार्मा और मेटल सेक्टर में लौटी रौनक
बाजार में सबसे अधिक मजबूती फार्मा और मेटल शेयरों में देखने को मिली। दवा कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। वहीं मेटल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई, जिसके चलते निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
दूसरी ओर आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी बनी रही और इस सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
निफ्टी के टॉप गेनर और टॉप लूजर शेयर
शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी 50 के 32 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 18 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा तेजी वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज, श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, ओएनजीसी और सन फार्मा शामिल रहे। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, अदाणी एंटरप्राइजेज, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स और एमएंडएम कमजोर शेयरों की सूची में शामिल रहे।
इन शेयरों में दिखा खास एक्शन
सोमवार के कारोबार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के चलते निवेशकों के रडार पर रहे। इनमें कोटक महिंद्रा बैंक, टोरेंट पावर, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, अरबिंदो फार्मा, इंडोको रेमेडीज, बीईएमएल, ल्यूपिन, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जुबिलेंट फार्मोवा, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, केईसी इंटरनेशनल, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया प्रमुख रहे।
कोटक महिंद्रा बैंक में 2% से ज्यादा की गिरावट
कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह दबाव बैंक की उस घोषणा के बाद देखने को मिला, जिसमें बताया गया कि प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक वासवानी अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। इस खबर के बाद निवेशकों के बीच नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चिंता बढ़ी है।
पीएफसी और आरईसी के शेयर भी फिसले
विलय की घोषणा के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की वित्तीय कंपनियों पीएफसी और आरईसी के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में पीएफसी का शेयर करीब 1.83 प्रतिशत गिरकर 424.75 रुपये पर पहुंच गया। वहीं आरईसी के शेयर में भी 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की नजर सेक्टोरल मूवमेंट पर
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर फार्मा, मेटल और बैंकिंग शेयरों की गतिविधियों पर बनी रहेगी। वैश्विक घटनाक्रम और कॉर्पोरेट घोषणाएं भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।