दिल्ली में EV क्रांति की तैयारी! 4 साल में बनेंगे 32 हजार नए चार्जिंग स्टेशन, घरों में अलग मीटर लगाने की भी योजना

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से लागू होने जा रही नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति के तहत बड़े स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार ने अगले चार वर्षों में 32 हजार नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि नई ईवी नीति लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर रखा गया है, ताकि वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

2030 तक चरणबद्ध तरीके से तैयार होगा नेटवर्क

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, नए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है। 31 मार्च 2030 तक चरणबद्ध तरीके से इन चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के किसी भी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को चार्जिंग सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके।

बीते तीन वर्षों में राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। नई नीति लागू होने के बाद इस वृद्धि दर के और तेज होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सोसायटियों में चार्जिंग स्टेशन लगाने पर मिलेगी मदद

दिल्ली सरकार आवासीय सोसायटियों और कॉलोनियों में भी ईवी चार्जिंग सुविधाएं बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई आरडब्ल्यूए अपनी सोसायटी या कॉलोनी में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना चाहता है तो सरकार उसकी मदद करेगी।

इस कदम का उद्देश्य लोगों को घर के नजदीक ही चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की प्रक्रिया और आसान हो सके।

दोपहिया ईवी के लिए अलग चार्जिंग मीटर पर विचार

सरकार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मालिकों के लिए भी नई सुविधा पर विचार कर रही है। चूंकि अधिकांश ई-स्कूटर और ई-बाइक घरों में चार्ज किए जाते हैं, इसलिए बिजली विभाग के माध्यम से अलग चार्जिंग मीटर लगाने की संभावना पर मंथन किया जा रहा है।

यदि यह योजना लागू होती है तो ईवी चार्जिंग की निगरानी और बिलिंग व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकती है, साथ ही उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिलेगी।

बढ़ेगी बिजली की मांग, तैयार किया गया मास्टर प्लान

चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने के साथ राजधानी में बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसे देखते हुए ऊर्जा विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड और बिजली विभाग ने वर्ष 2030 को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए ऊर्जा संसाधनों का विकास किया जाएगा।

सड़कों पर बढ़ सकते हैं निजी इलेक्ट्रिक वाहन

नई ईवी नीति में सब्सिडी और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के चलते निजी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ सकती है।

परिवहन विभाग के पूर्व उप आयुक्त अनिल छिकारा का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन छोड़कर निजी ईवी खरीदते हैं तो राजधानी में यातायात दबाव और बढ़ सकता है।

सरकार का दावा- प्रदूषण के खिलाफ बड़ा कदम

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई ईवी नीति प्रदूषण के खिलाफ एक प्रभावी अभियान साबित होगी। उनके अनुसार, सरकार इस पूरी पहल पर कुल मिलाकर 14 से 15 हजार करोड़ रुपये तक खर्च करने की तैयारी में है और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अब तक की सबसे बड़ी सब्सिडी व्यवस्था लाई जा रही है।

वहीं ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इसे पर्यावरणीय पहल के साथ-साथ आर्थिक और रणनीतिक निवेश करार देते हुए कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

 

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