लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) का आगाज गुरुवार से हो गया है। राज्यभर में तीन दिनों तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की संवेदनशीलता और व्यापकता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर 2 जुलाई से 4 जुलाई तक अलग-अलग पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
हर परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा का सख्त पहरा
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता, नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
परीक्षार्थियों की केंद्रों पर सघन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा जांच के दौरान चूड़ी, अंगूठी, कड़े और अन्य धातु से बने आभूषण पहनकर पहुंचे अभ्यर्थियों को इन्हें प्रवेश द्वार पर ही उतारने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इन सामानों के साथ ही मिलेगा प्रवेश
परीक्षा केंद्र के भीतर केवल प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, तीन पासपोर्ट साइज फोटो, पेन और पेंसिल ले जाने की अनुमति दी गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, गॉगल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
इसके अलावा पानी की बोतल को लेकर भी विशेष नियम बनाए गए हैं। अभ्यर्थी केवल पारदर्शी और सफेद रंग की बिना लेबल वाली पानी की बोतल ही अपने साथ ले जा सकते हैं।
करीब 20 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में प्रदेशभर से लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जो पहले से स्कूलों में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, लगभग पौने दो लाख शिक्षक ऐसे हैं जो वर्ष 2010 से पहले नियुक्त हुए थे और अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अब शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
कार्यरत शिक्षकों को दिए जाएंगे पर्याप्त अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए थे कि पहले से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि केवल अवसरों की कमी के कारण किसी को कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए हर स्तर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।