कांग्रेस में नहीं होगी एनसीपी-एसपी की एंट्री! शरद पवार ने अटकलों पर लगाया विराम, कहा- न टूट होगी, न विलय

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मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर आखिरकार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने खुद विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय होने की कोई संभावना नहीं है और न ही पार्टी में किसी तरह की टूट होने जा रही है।

शरद पवार के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। साथ ही इसे कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेता के दावे के बाद तेज हुई थीं चर्चाएं

दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया था कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी का जल्द ही कांग्रेस में विलय हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस संबंध में पार्टी नेतृत्व स्तर पर दिल्ली में बैठकें चल रही हैं और इस पर गंभीर चर्चा हो रही है।

वडेट्टीवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया था।

शरद पवार ने किया साफ इनकार

इन तमाम चर्चाओं के बीच शरद पवार ने साफ कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और कांग्रेस में विलय जैसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार के विभाजन या टूट की संभावना भी नहीं है।

उनके बयान के बाद यह साफ हो गया है कि एनसीपी-एसपी फिलहाल अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ती रहेगी।

1999 में कांग्रेस से अलग होकर बनाई थी एनसीपी

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का अलग राजनीतिक सफर वर्ष 1999 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी की स्थापना की थी।

हालांकि, वर्ष 2023 में पार्टी में बड़ा राजनीतिक विभाजन देखने को मिला, जब उनके भतीजे अजित पवार ने बगावत कर दी और मूल एनसीपी पर उनका नियंत्रण स्थापित हो गया।

इसके बाद शरद पवार ने अलग संगठन के रूप में एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का गठन किया और अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं।

दो अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों का हिस्सा हैं दोनों गुट

अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जबकि शरद पवार की पार्टी विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के साथ बनी हुई है।

ऐसे में शरद पवार के ताजा बयान ने यह संकेत दे दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में फिलहाल किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की संभावना नजर नहीं आ रही है।

 

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