दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही सियासत गरमाई, कांग्रेस का तंज- ‘BJP में आगे बढ़ने वालों के पर काट दिए जाते हैं’
भोपाल: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ ही पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की सभी अटकलों पर विराम लग गया। पिछले कई दिनों से उनके नाम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं, लेकिन पार्टी ने आखिरकार आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया।
भाजपा द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद दतिया में पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। शुक्रवार को समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। टिकट वितरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दिया।
जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
दतिया उपचुनाव में टिकट को लेकर असंतोष इतना बढ़ गया कि भाजपा के दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से पार्टी छोड़ने की चेतावनी भी दी जा रही है, जिससे स्थानीय संगठन में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस ने साधा निशाना, उदित राज ने लगाया बड़ा आरोप
पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता उदित राज ने कहा कि भाजपा में आगे बढ़ने वाले नेताओं को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता बड़ा कद हासिल करता है, उसका राजनीतिक प्रभाव कम करने की कोशिश की जाती है।
उदित राज ने उदाहरण देते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान करीब नौ लाख वोटों से चुनाव जीतने के बावजूद उनका राजनीतिक कद कम कर दिया गया और उन्हें केंद्र भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से पहले डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल थे, हालांकि वे अपने विवादित सांप्रदायिक बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है और डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मामला उसी का उदाहरण है।