EPFO की एमनेस्टी स्कीम का बड़ा मौका, PF ट्रस्टों को स्टेटस नियमित कराने के लिए मिले छह महीने; तुरंत करें आवेदन
नोएडा: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने केंद्र सरकार की एमनेस्टी स्कीम-2026 के तहत पात्र प्रोविडेंट फंड (पीएफ) ट्रस्ट संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। रीजनल पीएफ कमिश्नर-1, नोएडा श्री सुयश पांडे ने सभी नियोक्ताओं, हितधारकों और संबंधित संस्थानों से निर्धारित समयसीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इस योजना के माध्यम से पात्र ट्रस्टों को अपना कानूनी दर्जा नियमित कराने के लिए छह महीने का अवसर दिया गया है।
केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचित इस योजना के तहत आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्टों के लिए लागू व्यवस्था को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार भविष्य में वही प्रोविडेंट फंड मान्यता प्राप्त होंगे, जिन्हें कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट प्राप्त होगी। ऐसे मामलों में अधिनियम की धारा 17 तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के अंतर्गत पूर्व प्रभाव से राहत देने का भी प्रावधान किया गया है।
किन संस्थानों को मिलेगा योजना का लाभ
यह योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनके पास संबंधित केंद्र या राज्य सरकार की औपचारिक छूट अधिसूचना उपलब्ध नहीं है।
योजना के तहत पहली श्रेणी में ऐसे संस्थान शामिल हैं, जिन्होंने बिना छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है या भविष्य में ऐसा करने का विकल्प चुन रहे हैं और पूर्व प्रभाव से ट्रस्ट का नियमितीकरण चाहते हैं। दूसरी श्रेणी में वे संस्थान शामिल हैं, जो पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण के साथ सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में कार्य जारी रखना चाहते हैं।
छह महीने तक आवेदन का अवसर
एमनेस्टी स्कीम को 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना जारी होने की तिथि से यह योजना छह महीने तक प्रभावी रहेगी। पात्र संस्थानों को इसी अवधि के भीतर आवेदन करना होगा।
क्या-क्या मिलेगी राहत
योजना के तहत पात्र ट्रस्टों को स्थापना की तिथि से निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत न्यूनतम कर्मचारी संख्या और कोष आकार से संबंधित कुछ अनिवार्य शर्तों में भी छूट प्रदान की गई है। तीन वर्ष पूर्व के अनुपालन को भी पूरा माना जाएगा।
यदि सदस्यों के खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे अधिक ब्याज और अंशदान जमा किया गया है, तो बकाया, क्षति और ब्याज से जुड़े लंबित मामलों को वापस लेने तथा समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। पूर्व में पारित अंतिम आदेशों को भी प्रारंभ से ही अमान्य माना जाएगा।
आवेदन और ऑडिट रहेगा अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र संस्थानों को केंद्र सरकार के समक्ष औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। नोएडा क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठान अपना आवेदन रीजनल ऑफिस, नोएडा को ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। योजना का लाभ लेने की इच्छा व्यक्त करने के लिए अलग से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट भी भेजा जा सकता है।
सभी पात्र संस्थानों को अपने वित्तीय खातों का चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना होगा। आवेदन प्रस्तुत किए जाने के तीन महीने के भीतर ईपीएफ अधिकारियों द्वारा निर्धारित विशेष अथवा अनुपालन ऑडिट पूरा करना भी अनिवार्य रहेगा।
विस्तृत दिशा-निर्देश उपलब्ध
ईपीएफओ के अनुसार, एमनेस्टी स्कीम-2026 से संबंधित विस्तृत प्रावधान कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के एनेक्सर के भाग-सी तथा 29 जून 2026 को जारी गजट अधिसूचना जीएसआर 525(ई) में उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त विस्तृत प्रक्रिया, मानक संचालन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देश ईपीएफओ की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। रीजनल ऑफिस, सेक्टर-24, नोएडा पात्र संस्थानों को आवश्यक मार्गदर्शन देने के साथ आवेदन स्वीकार कर उनका निस्तारण करेगा।