NEET पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, दोषियों पर चलेगा नया कानून
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि नीट पेपर लीक सहित सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई हो सके।
नए ‘एंटी-चीटिंग’ कानून के तहत चलेगा मुकदमा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक मामले के आरोपितों पर ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत दोषी साबित होने वालों को अधिकतम पांच वर्ष की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी प्राथमिकता से सुनवाई
सूत्रों के अनुसार, इस कानून के तहत अब तक नीट पेपर लीक मामले में चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए बांबे हाई कोर्ट, कलकत्ता हाई कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं।
बताया गया है कि इनमें से दो मामले बांबे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनकी सुनवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
NTA समेत कई बड़ी परीक्षाएं भी नए कानून के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक, यह नया कानून केवल नीट परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के अलावा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (आईबीपीएस) तथा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों पर भी यही कानून लागू होगा।
सरकार ने त्वरित न्याय पर दिया जोर
सरकार का उद्देश्य पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करना और दोषियों को सख्त सजा दिलाना है, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सके।