“अब मैं सिर्फ आपका बेटा नहीं, पूरे देश का बेटा हूं…” जंतर-मंतर आंदोलन के बीच पिता से अभिजीत की बात सुन छलक पड़े जज्बात
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद देश की राजनीति में अहम बदलाव देखने को मिला। आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके पिता भगवानराव दिपके ने आंदोलन के दौरान परिवार की चिंता और बेटे के साथ हुई भावुक बातचीत का जिक्र किया है।
आंदोलन के दौरान परिवार था बेहद चिंतित
भगवानराव दिपके ने बताया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पूरा परिवार लगातार चिंता में था। परिवार के सदस्य अभिजीत की सुरक्षा को लेकर परेशान थे और उन्हें घर वापस लाने के लिए दिल्ली आने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अभिजीत ने उन्हें ऐसा करने से साफ मना कर दिया।
“बार-बार फोन मत कीजिए, मेरी जिम्मेदारी बड़ी है”
भगवानराव दिपके के मुताबिक, अभिजीत ने उनसे कहा कि वे बार-बार फोन न करें और दिल्ली आने की कोशिश भी न करें। उनका कहना था कि इस समय उनके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। बातचीत के दौरान अभिजीत ने अपने पिता से कहा, “अब मैं सिर्फ आपका बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा हूं।” पिता ने बताया कि बेटे की यह बात सुनकर पूरा परिवार भावुक हो गया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर जताई प्रतिक्रिया
भगवानराव दिपके ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद आंदोलन में शामिल कई छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिली। उनके अनुसार, लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लगा कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंची और उनकी बात को गंभीरता से सुना गया।
प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से नई जिम्मेदारी संभालने की जानकारी साझा की। वह पहले से उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं और अब शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे।