गौतमबुद्धनगर में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, डीएम ने 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना निधि की परियोजनाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
गौतमबुद्धनगर: जिले में नगर निकायों के विकास कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना विकास निधि के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका परिषद दादरी और नगर पंचायत बिलासपुर, दनकौर, रबूपुरा, जहांगीरपुर तथा जेवर के विकास प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
टाइड और अनटाइड फंड के उपयोग पर दिया जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड फंड और अनटाइड फंड की धनराशि का उपयोग शासन की मंशा और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि टाइड फंड से पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
वहीं अनटाइड फंड के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुसार सड़क निर्माण एवं मरम्मत, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग मार्ग, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य कराए जाएं।
अवस्थापना विकास निधि के प्रस्तावों की भी हुई समीक्षा
बैठक में अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों का चयन आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही सभी प्रस्ताव निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार कर समयबद्ध तरीके से स्वीकृति और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। शासन से प्राप्त धनराशि का सदुपयोग करते हुए सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं।
दो दिन में मांगी गई अतिरिक्त जानकारी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन विभागों या नगर निकायों से किसी प्रस्ताव के संबंध में अतिरिक्त सूचना, अभिलेख या आख्या अपेक्षित है, वे दो दिनों के भीतर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब नहीं होगा और विकास कार्य समय पर शुरू किए जा सकेंगे।
बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगर पालिका परिषद दादरी तथा नगर पंचायत बिलासपुर, दनकौर, रबूपुरा, जहांगीरपुर और जेवर के अध्यक्षों के साथ मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी शिखा गुप्ता, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी और सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।