रामलला की कलाई पर बंधेंगी देशभर से आई राखियां, योगी आदित्यनाथ का रक्षा सूत्र भी शामिल; जानें शुभ मुहूर्त
अयोध्या: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रामलला को देशभर के भक्तों की ओर से भेजे गए रक्षा सूत्र अर्पित किए जाएंगे। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भेजी राखी भी शामिल है। 28 अगस्त को मंदिर में विधि-विधान से भगवान श्रीराम का श्रृंगार और पूजन करने के बाद अर्चक रामलला की कलाई पर भक्तों की ओर से भेजी गई राखियां बांधेंगे। इस अवसर पर 100 से अधिक भक्तों की ओर से राखियां भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
भोर में रामलला का जागरण कराकर उन्हें भोग लगाया जाएगा और मंगला आरती की जाएगी। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र और आभूषण धारण कराए जाएंगे। भोग के साथ श्रृंगार आरती होगी और फिर अर्चक रामलला को रक्षा सूत्र बांधेंगे। मंदिर से जुड़े अधिकारियों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्तों ने राखियां भेजी हैं।
योगी आदित्यनाथ समेत कई भक्तों ने भेजीं राखियां
रामलला को भेजी गई राखियों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राखी भी शामिल है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मंदसौर की सात महिला भक्तों ने भी भगवान के लिए रक्षा सूत्र भेजे हैं। इनमें ऊषा कुमावत की राखी भी शामिल है, जो पहले राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात रह चुकी हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में कार्यरत थीं और अयोध्या में तैनाती के दौरान उन्होंने रामलला को अपना भाई मान लिया था। करीब डेढ़ दशक पहले यहां तैनाती के बाद से वह लगातार भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करती आ रही हैं।
सहारनपुर से महाराष्ट्र तक पहुंचीं राखियां
रामलला के लिए सहारनपुर की शांति सैनी और महाराष्ट्र की एक महिला भक्त ने भी राखी भेजी है। इसके अलावा सुलतानपुर की प्रिया रानी, मध्य प्रदेश के शहडोल की संध्या शुक्ला और रामनगरी की पूनम पांडेय, रुचि तथा नीलम गोस्वामी समेत कई महिलाओं ने रक्षा सूत्र भेजे हैं। इनमें से कई राखियां मंदिर के अर्चकों और ट्रस्टियों के पास पहुंच चुकी हैं।
डाक से ही नहीं, भक्त खुद भी पहुंचा रहे रक्षा सूत्र
मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के मुताबिक अब तक 100 से अधिक राखियां पहुंच चुकी हैं, जबकि कुछ राखियां अभी आने वाली हैं। भक्त डाक के जरिए राखियां भेजने के साथ स्वयं अयोध्या पहुंचकर ट्रस्ट कार्यालय में भी इन्हें जमा कर रहे हैं। कई श्रद्धालु दान काउंटर पर पहुंचकर भगवान के भोग के लिए भी अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।
हर राखी रामलला के सामने रखकर बांधी जाएगी
ट्रस्ट से जुड़े महंत दिनेंद्रदास के मुताबिक हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों ने रामलला के लिए राखियां भेजी हैं। हालांकि इनकी सटीक संख्या बताना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ श्रद्धालु अपने साथ राखी लेकर आते हैं और उसे काउंटर पर जमा करते हैं। सभी राखियां भगवान के सामने रखी जाती हैं और अर्चक उन्हें रामलला की कलाई पर बांधते हैं।
सुबह 9:57 बजे तक सबसे शुभ समय
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश तिवारी के अनुसार शुक्रवार को रक्षाबंधन का अति शुभ मुहूर्त सूर्योदय से सुबह 9 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। पूर्णिमा की उदया तिथि पूरे दिन होने के कारण दिनभर राखी बांधी जा सकती है, लेकिन सबसे शुभ समय सुबह का माना गया है