हिमाचल में आंगनबाड़ी भर्ती के लिए बड़ी राहत, आय सीमा 50 हजार से बढ़कर होगी 75 हजार; कई योजनाओं में भी मिलेगा लाभ
शिमला: हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बनने का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। 11 सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
सरकार मौजूदा 50 हजार रुपये की वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने जा रही है। अब पात्रता के लिए परिवार की सभी स्रोतों से होने वाली कुल सालाना आय का 75 हजार रुपये तक होना जरूरी होगा।
आय सीमा बढ़ने से ज्यादा परिवारों को मिलेगा लाभ
मौजूदा व्यवस्था में परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये तक होने पर ही कई योजनाओं का लाभ लेने की पात्रता बनती है। महंगाई और परिवारों की बदलती आर्थिक स्थिति के बीच यह सीमा कई जरूरतमंद परिवारों के लिए बाधा बन रही थी।
नई व्यवस्था को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद आय सीमा में 25 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। इससे निम्न आय वर्ग के ज्यादा परिवार पात्रता के दायरे में आ सकेंगे। इसका सीधा फायदा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को भी मिलेगा।
आंगनबाड़ी भर्ती के साथ अन्य योजनाओं में भी बदलेगी पात्रता
सरकार की योजना सिर्फ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका तक सीमित नहीं है। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के लिए भी वार्षिक आय सीमा 75 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।
इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान 50 हजार रुपये की सीमा से मामूली अंतर के कारण संबंधित योजनाओं के लाभ से बाहर हो रहे थे।
बच्चों के पोषण को लेकर भी कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
11 सितंबर की मंत्रिमंडल बैठक में मातृ शिशु योजना का प्रारूप भी मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दूध और अंडे के अलावा अन्य जरूरी पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण को और मजबूत करना है, ताकि कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके और बच्चों के बेहतर विकास में मदद मिले।
खाद्य आपूर्ति निगम और मिल्कफेड के जरिए होगी आपूर्ति
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य आपूर्ति निगम और मिल्कफेड की मदद ली जाएगी। इन संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है।