मक्का पर हमला हुआ तो सऊदी के साथ खड़ा होगा पाकिस्तान, सेना ने कहा- सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे

0 19

इस्लामाबाद: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि उनका देश सऊदी अरब के साथ कूटनीतिक ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और सैन्य स्तर पर भी खड़ा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी कह चुके हैं कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ व्यावहारिक और कूटनीतिक रूप से खड़ा होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि मक्का और पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है और उनकी रक्षा करना हर मुसलमान का कर्तव्य है।

मक्का की सुरक्षा पर पाकिस्तान का स्पष्ट संदेश

अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है और सऊदी की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता बिना किसी शर्त के है। उन्होंने मक्का की सुरक्षा को विशेष रूप से अहम बताते हुए कहा कि पवित्र स्थल की सुरक्षा हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि मक्का के दक्षिण में हूतियों के ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।

मक्का रक्षा समझौते को लेकर भी बदला रुख

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हाल में हुए रक्षा समझौते को लेकर भी इस दौरान पाकिस्तान का रुख सामने आया है। ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि अगर सऊदी अरब पर हमला बढ़ता है तो समझौते के तहत पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने कहा था कि समझौते में तीनों देशों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं।

यानी पाकिस्तान की ओर से पहले जहां सीधे सैन्य भागीदारी को लेकर सावधानी दिखाई जा रही थी, वहीं अब उसके रक्षा मंत्री और सैन्य प्रवक्ता दोनों ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अधिक स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई है।

पाकिस्तान पर बढ़ रहा था घरेलू दबाव

सऊदी अरब के साथ सैन्य सहयोग को लेकर पाकिस्तान के भीतर भी बहस तेज हुई है। सऊदी अरब पर हूती हमलों और मक्का से जुड़े घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान में सरकार से सऊदी अरब के समर्थन को लेकर सवाल उठाए गए। इसी बीच सरकार और सेना की ओर से सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहा था कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ व्यावहारिक और कूटनीतिक तौर पर खड़ा रहेगा।

हूतियों के हमलों से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष लगातार क्षेत्रीय तनाव का मुद्दा बना हुआ है। हूतियों ने सऊदी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जबकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। इस संघर्ष का असर लाल सागर और बाब-अल-मंदब जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों पर भी पड़ रहा है।

ऐसे माहौल में पाकिस्तान की ओर से सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कहना दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर उसकी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करता है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.