पीएम सूर्य घर योजना से बदली यतीश शर्मा के घर की तस्वीर, ₹1.08 लाख की सरकारी सहायता से लगवाए 3 किलोवाट के सोलर पैनल
गौतमबुद्धनगर: प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत गौतमबुद्धनगर के चिपियाना बुजुर्ग निवासी यतीश शर्मा ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाया है। वर्ष 2025 में उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया। इस पर कुल 1.80 लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें उन्हें सरकार की ओर से 1.08 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली। यह पहल सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का उदाहरण है।
सरकारी सहायता से सोलर पैनल लगवाना हुआ आसान
दादरी तहसील के ग्राम चिपियाना बुजुर्ग निवासी यतीश शर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ लेकर अपने घर पर सौर ऊर्जा की व्यवस्था की। सोलर पैनल लगाने में हुए कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा सरकारी सहायता से पूरा हुआ, जिससे उनके लिए स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प अपनाना आसान हुआ।
योजना के जरिए घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे नागरिकों को ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों से जुड़ने और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलता है।
स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण की पहल
यतीश शर्मा की यह पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से लोग नई तकनीक अपनाकर स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकते हैं। घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित करना पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा विकल्प की ओर बढ़ने का एक कदम है।
सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे प्रयास समाज में हरित ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और टिकाऊ विकास को प्रोत्साहित करने में भी योगदान देते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जताया आभार
यतीश शर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से लोगों को अपने घरों पर सौर ऊर्जा अपनाने का अवसर मिल रहा है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता सोलर पैनल स्थापित कराने में परिवारों के लिए मददगार साबित होती है।
स्वच्छ ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा को अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाने को प्रोत्साहित करना है। यतीश शर्मा ने योजना का लाभ लेकर अपने घर में सौर ऊर्जा की व्यवस्था की, जो स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनकी भागीदारी को दर्शाता है।
चिपियाना बुजुर्ग के यतीश शर्मा की यह कहानी स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी का उदाहरण है। ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के साथ-साथ टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित करते हैं।