गौतमबुद्धनगर के आयुर्वेदिक अस्पताल का प्रमुख सचिव आयुष ने किया निरीक्षण, पंचकर्म सेवाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

0 34

गौतमबुद्धनगर: प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में आयुष विभाग लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने गौतमबुद्धनगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, भाईपुर ब्राह्मण का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में संचालित पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

200 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में विकसित हो रही पंचकर्म यूनिट

प्रदेश के लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग की ओर से 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुसार पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गौतमबुद्धनगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, भाईपुर ब्राह्मण को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

प्रमुख सचिव ने उपचार व्यवस्था और मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा

प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और मरीजों को मिलने वाले उपचार की गुणवत्ता की भी समीक्षा की।

पंचकर्म हट और आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधों का रोपण कर आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचकर्म सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे, प्रशिक्षित मानव संसाधन, मानक उपकरणों और पर्याप्त औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मधुमेह, गठिया और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार पर जोर

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि एनसीआर सहित प्रदेश के सभी पंचकर्म केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जाए। इससे मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, मोटापा और अन्य दीर्घकालिक एवं जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार और उचित परामर्श मिल सकेगा।

उन्होंने चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

औषधियों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने अस्पताल में औषधियों की उपलब्धता और उनके वितरण की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि पंचकर्म समेत सभी उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

आयुष वेलनेस और चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

प्रमुख सचिव आयुष ने कहा कि आयुर्वेदिक सेवाओं और पंचकर्म चिकित्सा के प्रभावी समन्वय से आयुष वेलनेस, चिकित्सा पर्यटन और जनस्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर बल दिया।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.