धान किसानों के लिए बड़ी खबर, 2441 रुपये प्रति कुंतल से शुरू हुई सरकारी खरीद; जानें पूरी प्रक्रिया

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गौतमबुद्धनगर: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने धान खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मूल्य समर्थन मूल्य योजना के तहत सरकारी क्रय केंद्रों पर धान कॉमन की खरीद 2441 रुपये प्रति कुंतल और धान ग्रेड ‘ए’ की खरीद 2461 रुपये प्रति कुंतल की दर से की जाएगी।

15 फरवरी 2027 तक चलेगी धान खरीद प्रक्रिया

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजित प्रताप सिंह ने बताया कि धान खरीद 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी। इस अवधि में सभी धान क्रय केंद्र रविवार और राजपत्रित अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे।

उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई है।

फॉर्मर आईडी के आधार पर होगी धान खरीद

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रदेश में तैयार की गई फॉर्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र के आधार पर धान की खरीद की जाएगी। इसके लिए किसानों को विभागीय पोर्टल पर अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

फॉर्मर आईडी के माध्यम से किसान के बोए गए धान के रकबे और कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए जिलेवार उत्पादकता आंकड़ों के आधार पर अधिकतम बिक्री सीमा निर्धारित की जाएगी। इसके बाद ई-पॉप मशीन पर फॉर्मर आईडी दर्ज कर क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा धान खरीदा जाएगा।

फॉर्मर आईडी नहीं होने पर ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी

यदि किसी किसान के पास फॉर्मर आईडी उपलब्ध नहीं है तो उसे पहले किसान पहचान पत्र बनवाना होगा। अपरिहार्य स्थिति में किसान खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।

ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान भूलेख उपलब्ध होने पर किसान के आधार कार्ड में दर्ज नाम और खतौनी में दर्ज नाम का 70 प्रतिशत या उससे अधिक मिलान होना जरूरी होगा। 70 प्रतिशत से कम नाम मिलान वाले मामलों में किसान को अपने क्षेत्र के उप जिलाधिकारी के समक्ष ऑनलाइन या लिखित अपील करनी होगी।

किसान मित्र ऐप और केंद्र पर मिलेगा पंजीकरण का विकल्प

किसान स्वयं किसान मित्र ऐप के माध्यम से या जनसूचना केंद्र और साइबर कैफे की मदद से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा भी निशुल्क पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

पंजीकरण के लिए किसान के दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे भरने के बाद प्रक्रिया पूरी होगी। परिवार के एक सदस्य को नॉमिनी के रूप में शामिल करने के लिए उसका आधार नंबर भी दर्ज करना होगा।

बटाईदार किसान भी बेच सकेंगे धान

धान बिक्री के लिए बटाईदार किसानों को भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है। इसके लिए बटाईदार किसान और मूल कृषक या भू-स्वामी के बीच लिखित सहमति आवश्यक होगी।

मूल कृषक के भूलेख और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण कराया जाएगा। बटाईदार किसानों से अधिकतम 100 कुंतल धान की खरीद की जाएगी।

आधार लिंक बैंक खाते में होगा भुगतान

किसानों को धान बिक्री का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से उनके आधार सीडेड बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए किसान का बैंक खाता आधार नंबर और एनपीसीआई से मैप्ड होना अनिवार्य है।

यदि किसान के पास एक से अधिक बैंक खाते हैं तो भुगतान उसके सबसे हाल में आधार से अपडेट किए गए बैंक खाते में किया जाएगा।

धान बिक्री के समय ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी

किसानों को धान बेचते समय पंजीकरण प्रपत्रों के साथ कंप्यूटरीकृत खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति और एनपीसीआई से मैप्ड बैंक खाते की पासबुक के पहले पृष्ठ की छायाप्रति साथ लानी होगी।

धान बिक्री के बाद किसानों को क्रय केंद्र प्रभारी से पावती लेना भी अनिवार्य होगा।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे धान बिक्री से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करा लें, ताकि सरकार की योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

 

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