अयोध्या दीपोत्सव का आज होगा भव्य आगाज, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे शुभारंभ; 56 घाटों पर जलेंगे 33 लाख दीये
13 राज्यों की झांकियों में दिखेगी रामायण की झलक
इस बार दीपोत्सव की भव्य शोभायात्रा में देश के 13 राज्यों की सहभागिता रहेगी। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होंगी। इनके जरिए देश की सांस्कृतिक विविधता और रामायण की परंपरा को दर्शाया जाएगा।
धर्मपथ से राम की पैड़ी तक जगमगाएगी रामनगरी
दीपोत्सव के लिए धर्मपथ समेत अयोध्या के प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से सजाया गया है। यहां विषय आधारित आधुनिक रोशनी और एलईडी पैनल लगाए गए हैं। राम की पैड़ी पर सजीव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ त्रिआयामी प्रक्षेपण और भव्य लेजर शो आयोजित होगा। इसके अलावा रामायण के प्रसंगों पर आधारित ड्रोन शो और नया घाट पर संगीतमय आतिशबाजी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
दो हजार कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
दीपोत्सव में देश और विदेश के रामलीला दल भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन करेंगे। वहीं, देश और प्रदेश के करीब 2,000 कलाकार विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए रामनगरी को भक्तिमय बनाएंगे। पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक तकनीक का मेल इस बार के आयोजन को और खास बनाएगा।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी रहेंगे मौजूद
इस भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के अलावा मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जयवीर सिंह और राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा शामिल होंगे। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत प्रशासक रोली सिंह, विधान परिषद सदस्य हरि ओम पांडेय और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, डॉ. अमित सिंह चौहान तथा अभय सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
दसवीं वर्षगांठ पर 56 घाटों को रोशन करने का लक्ष्य
शनिवार को आयोजित होने वाला दीपोत्सव इस भव्य प्रकाश पर्व की दसवीं वर्षगांठ है। रविवार को दीपावली से ठीक एक दिन पहले होने वाले इस आयोजन को लेकर अयोध्या में विशेष उत्साह है। आयोजकों ने सरयू तट के 56 घाटों पर 30 से 33 लाख मिट्टी के दीये जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राम की पैड़ी और सरयू नदी के आसपास के घाट इस आयोजन के मुख्य केंद्र रहेंगे।