दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर GRAP-3 की सख्ती, पांचवीं तक के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प; पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों की एंट्री पर रोक
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता के बीच प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के लागू होने के बाद दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत बच्चे स्कूल जाकर कक्षाएं ले सकते हैं या ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों के संचालन पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं।
पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई अनिवार्य
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने वीडियो संदेश के जरिए बताया कि GRAP-3 के नियम लागू रहने तक कक्षा पांच तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में पढ़ाई करानी होगी। यह व्यवस्था दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में भी लागू होगी।
हाइब्रिड व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल जाकर कक्षा में शामिल हो सकेंगे। जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां घर से भी कक्षाएं लेने का विकल्प रहेगा। ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई का फैसला विद्यार्थी और उनके माता-पिता या अभिभावक कर सकेंगे।
स्कूल बंद करने का आदेश नहीं, दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली-NCR में GRAP का तीसरा चरण लागू किया था। इसके तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा पांच तक के स्कूलों को जहां संभव हो, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि स्कूलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। स्कूलों में प्रत्यक्ष कक्षाएं जारी रह सकती हैं, लेकिन विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी देना होगा। एनसीआर के दूसरे जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों और संबंधित राज्य सरकारों के निर्देश के आधार पर ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध
GRAP-3 के तहत पुराने वाहनों के संचालन पर भी सख्ती की गई है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में BS-III या उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले पेट्रोल वाहनों और BS-IV या उससे पुराने मानक वाले डीजल वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा दिल्ली में डीजल से चलने वाले BS-IV और उससे पुराने मध्यम श्रेणी के मालवाहक वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली के बाहर पंजीकृत पुराने डीजल मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा।
हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों के निजी आवागमन के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
AQI 382 पर पहुंचा, हवा और खराब होने की आशंका
शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया। यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और गंभीर स्तर के करीब है। पर्यावरण मंत्री ने आशंका जताई है कि शनिवार से हवा की गति कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रदूषक तत्व वातावरण में जमीन के करीब जमा रह सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की संभावना है।
फिलहाल GRAP-3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी। लोगों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, राज्य सरकारों और स्थानीय शिक्षा विभागों की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों का पालन करें।