चारधाम और अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अमित शाह ने साधा उत्तराखंड में सियासी निशाना, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

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देहरादून: उत्तराखंड राज्योत्सव के मंच से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धार्मिक आस्था, राज्य निर्माण के इतिहास और विकास के मुद्दों के जरिए सियासी संदेश दिया। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच उनके संबोधन में भाजपा की राजनीतिक रणनीति की झलक भी दिखाई दी। शाह ने चारधाम और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उत्तराखंड राज्य की स्थापना का श्रेय दिया। साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राज्य आंदोलन के दौरान अत्याचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अटल ने उत्तराखंड बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया।

चारधाम और धार्मिक स्थलों का उल्लेख कर साधा भावनात्मक जुड़ाव

देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव के दौरान अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत उत्तराखंड की पवित्र भूमि को प्रणाम करके की। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और देवभूमि की आस्था तथा धार्मिक परंपराओं का स्मरण किया।

शाह ने गुजरात और उत्तराखंड के आध्यात्मिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ऐसी मान्यता है कि जो चारधाम की यात्रा नहीं करता, उसके लिए मोक्ष का द्वार नहीं खुलता। इसके बाद उन्होंने बाबा केदारनाथ, बदरी विशाल, मां गंगा, यमुना के उद्गम स्थल, हेमकुंड साहिब और हरिद्वार की धार्मिक महत्ता का उल्लेख किया। इस तरह उन्होंने अपने संबोधन में उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी।

अटल बिहारी वाजपेयी को दिया राज्य निर्माण का श्रेय

धार्मिक आस्था के बाद शाह ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन और अलग राज्य की मांग के संघर्ष को याद किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण का श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की वर्षों पुरानी मांग और पीड़ा को समझा और अलग राज्य का सपना साकार किया।

शाह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राज्य आंदोलन के दौरान अत्याचार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड बनाया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया है। इस बयान के जरिए उन्होंने राज्य निर्माण के इतिहास को मौजूदा राजनीतिक विमर्श से जोड़ने की कोशिश की।

गौरव, सिद्धि और संकल्प के तीन सूत्रों में बांटा राज्य स्थापना दिवस

अमित शाह ने उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस को गौरव, सिद्धि और संकल्प के तीन सूत्रों में प्रस्तुत किया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राज्य की स्थापना को गौरव बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों को सिद्धि से जोड़ा।

सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और देशभक्ति की परंपरा को सुरक्षित रखना उन्होंने भविष्य का संकल्प बताया। शाह ने राज्य आंदोलनकारियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों के सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। साथ ही युवा पीढ़ी से देशभक्ति के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कांग्रेस पर तुष्टीकरण और अवैध अतिक्रमण को लेकर हमला

संबोधन के अगले हिस्से में अमित शाह ने कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम विश्वविद्यालय की वकालत और तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है। इसके साथ ही उन्होंने अवैध मदरसों और मजारों का मुद्दा उठाया और सांस्कृतिक पहचान तथा अतिक्रमण को लेकर सवाल खड़े किए।

इस तरह चारधाम की आस्था और राज्य आंदोलन के इतिहास से शुरू हुआ शाह का संबोधन कांग्रेस पर राजनीतिक हमले तक पहुंच गया।

कुंभ आयोजन के रोडमैप का भी किया जिक्र

विकास के मुद्दे पर शाह ने कुंभ के वैज्ञानिक आयोजन की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने इसका रोडमैप तैयार करने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को दिया। साथ ही कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी ने इस दिशा में काम को आगे बढ़ाया।

 

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