अमेरिका की राजनीति को बड़ा झटका! ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, अचानक बिगड़ी तबीयत के बाद ली अंतिम सांस

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वॉशिंगटन: अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन नेता और सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। उनके कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर जारी बयान में बताया गया कि शनिवार को एक छोटी और अचानक हुई बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। हालांकि, मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। उनके निधन से अमेरिकी राजनीति में शोक की लहर है।

लिंडसे ग्राहम साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता थे और वर्ष 2002 में पहली बार अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी स्पष्ट और कड़ा रुख रखने की पहचान रही।

ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगियों में थी गिनती

लिंडसे ग्राहम लंबे समय तक डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सलाहकारों में शामिल रहे। दोनों को अक्सर विभिन्न बैठकों और गोल्फ कोर्स पर साथ देखा जाता था। विदेश नीति, विशेषकर ईरान और रूस से जुड़े मामलों में ग्राहम ने ट्रंप को महत्वपूर्ण सलाह दी थी। हाल ही में उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के साथ रूस पर प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने की घोषणा का भी समर्थन किया था।

ईरान को लेकर हमेशा अपनाया सख्त रुख

ईरान की नीतियों को लेकर लिंडसे ग्राहम लगातार आक्रामक रुख के पक्षधर रहे। 1990 के दशक में सांसद रहते हुए उन्होंने ईरान को अलग-थलग करने तथा उसके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को सीमित करने वाली नीतियों का समर्थन किया था। इसके अलावा, पिछले वर्ष ईरान की परमाणु ठिकानों पर हमले के डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का भी उन्होंने समर्थन किया था। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के दौरान भी वह सरकार के पक्ष में मुखर रहे।

2016 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में भी आजमाई थी किस्मत

लिंडसे ग्राहम ने वर्ष 2016 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने का प्रयास किया था। हालांकि, उनका अभियान ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका। बाद में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों के बीच राजनीतिक संबंध और मजबूत हुए और ग्राहम प्रशासन के प्रभावशाली सहयोगियों में शामिल हो गए।

विदेश नीति के मुद्दों पर थी मजबूत पकड़

लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी विदेश नीति पर गहरी पकड़ रखने वाले नेताओं में माना जाता था। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय को रिपब्लिकन पार्टी में गंभीरता से लिया जाता था। उनके निधन को अमेरिकी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।

 

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