ईरान के खिलाफ अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई, 4 ड्रोन मार गिराए, 5वें लॉन्च ठिकाने पर भी किया हमला

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वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए, जबकि पांचवें ड्रोन के लॉन्च होने से पहले ही उसके ठिकाने को निशाना बनाकर हमला कर दिया गया। अमेरिका ने इस पूरे ऑपरेशन को रक्षात्मक कार्रवाई बताया है।

जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना को ईरानी गतिविधियों से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की सुरक्षा पर खतरे का अंदेशा था। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि ईरानी सेना की ओर से आक्रामक तैयारी के संकेत मिलने पर अमेरिकी बलों ने तुरंत जवाबी कदम उठाए।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ी चिंता

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जिन ड्रोन को निशाना बनाया गया, उनसे समुद्री मार्गों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका बेहद सतर्क नजर आ रहा है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है।

इस हफ्ते में यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। लगातार बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

ट्रंप बोले- कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा ईरान

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव उनकी ईरान नीति को प्रभावित नहीं करेंगे।

कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर हाल के दिनों में काफी प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बातचीत अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है और कई अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

होर्मुज खोलने और युद्ध खत्म करने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ऐसे समझौते की कोशिश में है जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर सामान्य रूप से खोला जा सके। साथ ही अमेरिका यह दावा करना चाहता है कि ईरान की परमाणु क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।

माना जा रहा है कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता हो जाता है तो करीब 3 महीने से जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है। हालांकि प्रस्तावित समझौते को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं और कई अहम मुद्दों को फिलहाल टाल दिया गया है।

रिपब्लिकन नेताओं में बढ़ी चिंता

ईरान को लेकर ट्रंप की रणनीति पर अब अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कुछ रिपब्लिकन नेताओं और ट्रंप समर्थकों ने उनकी नीति पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि मौजूदा हालात में ईरान कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन भविष्य में वह और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है।

उधर, अमेरिका में मध्यावधि चुनाव भी करीब हैं। बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि ट्रंप ने चुनावी दबाव की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव की चिंता नहीं है और वह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।

 

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