‘गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार’, अरशद मदनी की मांग; बोले- इससे खत्म होगी मॉब लिंचिंग की घटनाएं

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नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिंद (AM) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने केंद्र सरकार से गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से गाय को लेकर चल रहे विवाद को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सकता है और इसके नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।

बुधवार को संगठन की ओर से जारी बयान में मौलाना मदनी ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार से सवाल किया कि जब देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को केवल पवित्र ही नहीं मानती, बल्कि उसे मां का दर्जा देती है, तो फिर सरकार उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों बच रही है।

‘गाय के नाम पर हो रही राजनीति’

अरशद मदनी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गाय के मुद्दे को धार्मिक आस्था से ज्यादा राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दों को जानबूझकर उछाला जाता है, जिनमें गाय के नाम पर राजनीति भी शामिल है।

उन्होंने दावा किया कि कुछ ताकतें लोगों को भड़काकर मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाने और वोट हासिल करने की कोशिश करती हैं।

‘मुस्लिम समुदाय को कोई आपत्ति नहीं’

मौलाना मदनी ने साफ कहा कि अगर सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करती है तो मुस्लिम समुदाय को इससे कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज सरकार के इस कदम का स्वागत करेगा।

उनका कहना था कि यदि इस दिशा में स्पष्ट कानून बनाया जाता है, तो गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

‘साधु-संत भी लंबे समय से उठा रहे मांग’

मदनी ने कहा कि यह मांग केवल उनकी ओर से नहीं उठाई जा रही है, बल्कि देश के कई साधु-संत भी लंबे समय से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता क्यों नहीं दिखा रही है।

‘तस्करी के नाम पर निर्दोष बनते हैं निशाना’

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार गोकशी की अफवाह या पशु तस्करी के नाम पर निर्दोष लोगों को हिंसा का शिकार बनाया जाता है। मदनी ने कहा कि गाय के मुद्दे को एक राजनीतिक और भावनात्मक विषय बना दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका संगठन हर साल बकरीद के मौके पर मुसलमानों से प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं करने की अपील करता है, क्योंकि इस्लाम दूसरे धर्मों की भावनाओं को आहत करने की अनुमति नहीं देता।

देशभर में समान कानून लागू करने की मांग

मौलाना अरशद मदनी ने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ-साथ इस संबंध में जो भी कानून बनाए जाएं, उन्हें देश के सभी राज्यों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए।

 

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