दुर्गा पूजा से पहले सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले! 20% अतिरिक्त डीए के साथ समय से पहले मिलेगी अक्टूबर की सैलरी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को दुर्गा पूजा से पहले बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि कर्मचारियों को अक्टूबर महीने की सैलरी त्योहार से पहले जारी की जाएगी। इसके साथ ही अक्टूबर से 20 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच डीए के अंतर को धीरे-धीरे कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री और वित्त सचिव को दिए विशेष निर्देश
पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ‘भवानी भवन’ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री और वित्त सचिव को निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर महीने का वेतन दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले कर्मचारियों के खातों में पहुंचा दिया जाए। साथ ही पूजा वाले महीने से 20 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता भी जारी किया जाए, ताकि कर्मचारियों को त्योहार के दौरान आर्थिक राहत मिल सके।
अक्टूबर से प्रभावी होगा 20 प्रतिशत अतिरिक्त डीए
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के बजट में की गई घोषणा के अनुसार 20 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता अक्टूबर महीने से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस फैसले को लागू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रही है और इसका लाभ कर्मचारियों को निर्धारित समय पर मिलेगा।
केंद्र और राज्य के डीए के बीच 42 प्रतिशत का अंतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते के बीच फिलहाल 42 प्रतिशत का अंतर है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस अंतर को एक साथ समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन सरकार चरणबद्ध तरीके से इसे कम करने के लिए काम कर रही है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी होंगी लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सातवें वेतन आयोग का गठन किया गया है। आयोग अगले कुछ महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद उसकी सिफारिशों को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राज्य के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है और सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।
पुलिसकर्मियों समेत कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य के अन्य कर्मचारियों की तरह पुलिस विभाग में आईपीएस रैंक से नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव किए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हो सका। अब सरकार कर्मचारियों को बेहतर वेतन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।