Bharat Taxi का बड़ा दावा: 35 लाख यूजर्स और 6 लाख ड्राइवरों के साथ बनी दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव

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नई दिल्ली: देश के टैक्सी और राइड बुकिंग सेक्टर में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच देसी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ ने खुद को दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के तौर पर स्थापित करने का दावा किया है। कंपनी के मुताबिक, उसके प्लेटफॉर्म से अब तक 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और 6 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं।

भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका कोऑपरेटिव मॉडल बताया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह ड्राइवर आधारित व्यवस्था पर काम करता है, जहां ड्राइवर सिर्फ पार्टनर नहीं बल्कि खुद मालिक की भूमिका में हैं। यही वजह है कि कम समय में इस प्लेटफॉर्म को तेजी से लोकप्रियता मिली है।

जीरो कमीशन मॉडल बना सबसे बड़ा आकर्षण

भारत टैक्सी का जीरो कमीशन मॉडल ड्राइवरों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। अन्य निजी राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म्स की तुलना में यहां ड्राइवरों की कमाई से भारी कमीशन नहीं काटा जाता। कंपनी का दावा है कि राइड का पूरा पैसा सीधे ड्राइवरों के खाते में पहुंचता है।

ड्राइवरों का कहना है कि इस मॉडल की वजह से उनकी आय में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उन्हें अपने काम में स्वतंत्रता और मालिकाना हक का अनुभव भी हो रहा है।

यात्रियों को मिल रहा कम किराए का फायदा

कंपनी का दावा है कि इसका फायदा यात्रियों को भी मिल रहा है। जहां कई निजी ऐप्स में डायनेमिक प्राइसिंग के चलते किराया अचानक बढ़ जाता है, वहीं भारत टैक्सी में किराया अपेक्षाकृत स्थिर और पारदर्शी रखा गया है।

बताया जा रहा है कि यात्रियों को औसतन 15 फीसदी तक कम किराया देना पड़ रहा है, जिससे यह प्लेटफॉर्म आम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

गुजरात से शुरू होकर देशभर में बढ़ रहा नेटवर्क

भारत टैक्सी ने सबसे पहले गुजरात में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। अहमदाबाद और सूरत में सफलता के बाद अब कंपनी वडोदरा समेत कई नए शहरों में विस्तार की तैयारी कर रही है।

कंपनी के अनुसार, अकेले गुजरात में ही एक लाख से ज्यादा ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। वहीं ऐप डाउनलोड की संख्या में भी लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।

सुरक्षा और तकनीक पर खास ध्यान

यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर भी कंपनी कई तकनीकी सुविधाएं जोड़ रही है। भारत टैक्सी ने गुजरात पुलिस के साथ SOS इंटीग्रेशन शुरू किया है, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

इसके अलावा कंपनी अब तक 10 हजार से ज्यादा ड्राइवरों को डिजिटल ट्रेनिंग और सॉफ्ट स्किल्स की शिक्षा भी दे चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह मॉडल इसी तरह आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में देश के मोबिलिटी सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

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