त्विषा शर्मा डेथ केस में बड़ा एक्शन, पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, ‘व्हाट्सऐप चैट’ से खुलेंगे प्रताड़ना के राज!

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भोपाल: मध्य प्रदेश की चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद यह कार्रवाई की गई। सीबीआई अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रताड़ना, डिजिटल सबूतों और कथित साजिश के एंगल से जांच को तेज कर चुकी है।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी की टीम ने भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित आवास पर पहुंचकर गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को उन्हें सक्षम अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।

पहले से हिरासत में है पति समर्थ सिंह

मामले में त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह पहले से सीबीआई हिरासत में हैं। समर्थ पेशे से वकील हैं। जांच एजेंसी अब मां-बेटे यानी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह का आमना-सामना कराकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि बयानों में मौजूद विरोधाभास और घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब डिजिटल सबूतों और मोबाइल चैट्स को जांच का अहम आधार बना रही है। जांच में कथित प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े पहलुओं को भी गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

हाईकोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत

इससे पहले भोपाल की सत्र अदालत ने 15 मई को गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी। हालांकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को उस आदेश को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने अपने 17 पन्नों के आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों और लगाए गए आरोपों को देखते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत उचित नहीं थी।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही सीबीआई की कार्रवाई तेज हो गई और अगले ही दिन गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल सबूत बने जांच का केंद्र

मामले में त्विषा शर्मा के परिजनों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि आखिरकार इस मामले में न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर गिरिबाला सिंह को कानून और न्याय व्यवस्था का सम्मान है तो उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए।

अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और त्विषा पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह न्यायिक सेवा में लंबे समय तक रह चुकी हैं और साइबर अपराध, डिजिटल सिग्नेचर तथा साइबर फॉरेंसिक से जुड़े विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। ऐसे में उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

वकीलों ने अदालत को यह भी बताया कि त्विषा के व्हाट्सऐप चैट और केस डायरी में प्रताड़ना के स्पष्ट संकेत मौजूद हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर इन पहलुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

12 मई को ससुराल में मिली थी मृत

33 वर्षीय पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी पर लटकी मिली थीं। मामले ने उस समय बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया था।

सीबीआई ने हाल ही में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और नई प्राथमिकी दर्ज करते हुए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह दोनों को आरोपी बनाया। अब एजेंसी मौत के पीछे की परिस्थितियों, पारिवारिक संबंधों, मानसिक प्रताड़ना और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 

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