निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी पहल, BOCW डिजिटल लेबर चौक ऐप से मिलेगा रोजगार और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने निर्माण श्रमिकों को रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए BOCW डिजिटल लेबर चौक मोबाइल ऐप विकसित किया है। अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश, गौतमबुद्धनगर राकेश द्विवेदी ने बताया कि यह ऐप निर्माण श्रमिकों और नियोजकों के बीच एक प्रभावी डिजिटल मंच के रूप में कार्य करेगा, जिससे रोजगार के अवसरों और सरकारी सेवाओं तक आसान एवं पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित होगी।
श्रमिक और नियोजक एक ही डिजिटल मंच पर होंगे उपलब्ध
राकेश द्विवेदी ने बताया कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से श्रमिकों तक सुविधाएं पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से तैयार किए गए इस मोबाइल ऐप पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक अपना पंजीकरण कर सकेंगे। वहीं बिल्डर, ठेकेदार, निर्माण एजेंसियां और अन्य प्रतिष्ठान, जिन्हें निर्माण कार्यों के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होगी, वे भी ऐप पर पंजीकरण कर अपनी जरूरत के अनुसार श्रमिकों की तलाश कर सकेंगे।
डिजिटल लेबर मार्केट की तरह करेगा काम
उन्होंने बताया कि यह ऐप एंड्रॉयड मोबाइल पर उपलब्ध होगा और एक डिजिटल लेबर मार्केट प्लेस के रूप में कार्य करेगा। इस प्लेटफॉर्म पर श्रमिक अपनी उपलब्धता दर्ज करेंगे, जबकि नियोजक अपनी आवश्यकता के अनुरूप पंजीकृत श्रमिकों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे निर्माण श्रमिकों को रोजगार मिलने में सुविधा होगी और नियोजकों को प्रशिक्षित एवं पंजीकृत श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा भी मिलेगी
इस मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण श्रमिक उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पात्र श्रमिक इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन भी कर सकेंगे। इससे सरकारी सेवाओं की उपलब्धता अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
निर्माण श्रमिकों और नियोजकों से अधिकाधिक उपयोग की अपील
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने जनपद के सभी निर्माण श्रमिकों, बिल्डरों, ठेकेदारों, निर्माण एजेंसियों, श्रमिक संगठनों और आमजन से BOCW डिजिटल लेबर चौक मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अपने आसपास कार्यरत निर्माण श्रमिकों और सेवायोजकों को भी इस ऐप के बारे में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक और नियोजक इस डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठा सकें। साथ ही सभी निर्माण एजेंसियों, बिल्डर्स, ठेकेदारों और अन्य नियोजकों से अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों का ऐप पर पंजीकरण कराने का भी आग्रह किया गया है।