यूपी में भ्रष्टाचार पर CBI का बड़ा शिकंजा, मेरठ कैंट बोर्ड सदस्य 3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार; हापुड़ में भी विजिलेंस की कार्रवाई

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मेरठ: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। विजिलेंस और एंटी करप्शन विभाग के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने भी रिश्वतखोरी के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। मेरठ में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान कैंट बोर्ड के एक मनोनीत सदस्य को कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया गया जाल

जानकारी के अनुसार, कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा पर एक सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने मामले की पड़ताल शुरू की और योजना बनाकर जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत की रकम सौंपी, मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।

आवास और अन्य ठिकानों पर भी हुई जांच

गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने मेरठ के पल्लवपुरम क्षेत्र स्थित उनके आवास समेत अन्य संभावित ठिकानों पर भी छानबीन की। सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई तथा मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया देर रात तक जारी रही। हालांकि खबर लिखे जाने तक कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

कैंट बोर्ड और राजनीतिक हलकों में मची हलचल

कैंट बोर्ड से जुड़े एक सदस्य की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को वर्ष 2022 में कैंट बोर्ड का सदस्य नामित किया गया था और इसके बाद उन्हें समय-समय पर कार्यकाल विस्तार भी मिलता रहा।

हापुड़ में भी रिश्वत लेते पकड़ा गया कर्मचारी

मेरठ की कार्रवाई के साथ ही हापुड़ में विजिलेंस टीम ने राज्य कर विभाग के एक स्टेनो को कथित तौर पर 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कर संबंधी मामले को निपटाने के नाम पर उससे रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायत के बाद विजिलेंस ने की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। बताया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा रकम सौंपते ही टीम ने आरोपी कर्मचारी को मौके से पकड़ लिया। मामले में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के मामलों पर नजर बनाए हुए हैं तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई कर रही हैं।

 

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