CWG 2026: 39 मेडल के साथ चौथे स्थान पर भारत, बॉक्सिंग में बना नई महाशक्ति; 7 खेलों में नहीं खुला खाता

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नई दिल्ली: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस बार मुक्केबाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 10 पदक जीतते हुए 7 स्वर्ण अपने नाम किए। हालांकि, सात खेल ऐसे भी रहे जिनमें भारत को एक भी पदक नहीं मिल सका।

पुरुषों ने 23 और महिलाओं ने जीते 16 पदक

भारत के 125 सदस्यीय दल में पुरुष खिलाड़ियों ने कुल 23 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण, 13 रजत और 5 कांस्य शामिल रहे। वहीं महिला खिलाड़ियों ने 16 पदक अपने नाम किए, जिनमें 8 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने आठ नियमित खेलों और पांच पैरा स्पर्धाओं में हिस्सा लिया।

एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 16 पदक

एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भारत ने कुल 16 पदक हासिल किए। इनमें 3 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। पुरुष खिलाड़ियों ने 13 पदक जीते, जबकि महिलाओं ने 3 पदक अपने नाम किए।

लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने।

मुक्केबाजी में भारत का दबदबा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुक्केबाजी भारत के लिए सबसे सफल खेल साबित हुई। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 कांस्य शामिल हैं। महिला मुक्केबाजों ने 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता, जबकि पुरुष मुक्केबाजों ने 2 स्वर्ण और 2 रजत पदक देश की झोली में डाले। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने मुक्केबाजी में अपनी मजबूत दावेदारी फिर साबित की।

वेटलिफ्टिंग में आठ पदक, मीराबाई चानू ने जीता स्वर्ण

वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 8 पदक हासिल किए। मीराबाई चानू इस खेल में भारत की एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता रहीं। पुरुष खिलाड़ियों ने चार रजत पदक जीते, जबकि महिला खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।

जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी मिला पदक

जूडो में भारत ने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता। वहीं पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने पुरुष हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत को इस स्पर्धा का एकमात्र पदक दिलाया।

इन सात खेलों में भारत का नहीं खुला खाता

इस बार आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक, लॉन बाउल्स, तैराकी, ट्रैक साइकिलिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भारत को एक भी पदक नहीं मिला। इन स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदक विजेता

वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता।

एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला, दिलीप गावित और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

मुक्केबाजी में प्रीति पवार, जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते।

जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

 

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