डिजिटल मार्केट से ग्लोबल बाजार तक, यूपी के हस्तशिल्प को नई उड़ान! भूपेंद्र चौधरी बोले- मजबूत सप्लाई चेन और हाईटेक सेंटर से बढ़ेगा कारोबार

0 39

ग्रेटर नोएडा: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और निर्यात के विस्तार के साथ स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को बड़े बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है।

भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ प्रदेश में एक्सपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

हर जिले के कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेंगे हाईटेक स्टूडियो

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में कॉमन फैसिलिटी सेंटर को हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाजार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप प्रस्तुत करना है। महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

सहारनपुर की नक्काशी से भदोही के कालीन तक, डिजिटल पहचान पर जोर

भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान किया। उनके मुताबिक प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है।

डिजिटल मार्केटिंग पर फोकस करें हस्तशिल्प कारोबारी: के विजयेंद्र पांडियन

आयुक्त उद्योग के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि आने वाले समय में कारोबार तेजी से डिजिटल होने वाला है। ऐसे में हस्तशिल्प उद्यमियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक समेत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग को मजबूत करना होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। कारोबारियों को केवल ट्रेडिंग तक सीमित रहने के बजाय उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन की मात्रा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर भी ध्यान देना चाहिए।

स्थानीय उत्पादों को मॉडल बनाकर तैयार हों डिजिटल और फिजिकल शोरूम

के विजयेंद्र पांडियन ने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने होम डेकोर समेत अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैन के जरिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने की बात कही।

उन्होंने ट्रेड शो में शामिल प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के सत्रों को ध्यान से सुनने, सफल कारोबारी मॉडलों का अध्ययन करने और अपने सवालों के जवाब हासिल कर उन्हें कारोबार में लागू करने का आह्वान किया।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.