पॉलीहाउस की रंगीन शिमला मिर्च से 29 लाख के फूल कारोबार तक, ट्रेड शो में चमका मेरठ का कृषि मॉडल! विदेशी बाजार में शहद की बढ़ी मांग, किसानों को मिले नए खरीदार
ग्रेटर नोएडा: इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों का ध्यान खींच रही है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। जरबेरा और गुलाब से लेकर कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन तक यहां रखे उत्पाद देश-विदेश से आए खरीदारों और आगंतुकों की रुचि बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि ट्रेड शो किसानों के लिए केवल उत्पाद दिखाने का मंच नहीं, बल्कि नए बाजार और कारोबार के अवसर तलाशने का जरिया भी बन रहा है।
सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के जरिए फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती को अपनाया। इससे उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है, जिसकी दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है।
ट्रेड शो में फूलों की मांग बढ़ी, कंपनियों ने किया संपर्क
रविन्द्र कुमार के मुताबिक वह पिछले वर्ष भी ट्रेड शो में शामिल हुए थे। वहां अपने उत्पादों को खरीदारों और बाजार के सामने रखने से उन्हें नई पहचान मिली। इस बार भी कई इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है।
कुछ कंपनियों की ओर से समझौता ज्ञापन यानी एमओयू को लेकर भी बातचीत की गई है। रविन्द्र कुमार का कहना है कि सरकारी योजनाओं की मदद से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने और बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने का अवसर मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के उत्पाद देखे और उनका उत्साहवर्धन किया। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के अलावा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मेरठ के शहद की विदेशों में बढ़ी मांग
उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का ऑर्डर मिला था।
उनके मुताबिक ट्रेड शो में इस बार भी नए कारोबार और बेहतर ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। विदेशी बाजार से मिले ऑर्डर ने मेरठ में तैयार होने वाले शहद के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं को भी सामने रखा है।
खेती से बाजार तक सीधा जुड़ाव बना ट्रेड शो
आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। यहां उन्हें सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क बनाने का अवसर मिल रहा है।
पॉलीहाउस में तैयार सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के कृषि उत्पाद ट्रेड शो में खेती को बाजार से जोड़ने की तस्वीर पेश कर रहे हैं।