Google की रोबोटैक्सी पर अमेरिका में सुरक्षा को लेकर सवाल, चीन में बनी कारों में जासूसी का खतरा? Waymo ने दिया यह जवाब

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नई दिल्ली: गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट की ड्राइवरलेस टैक्सी कंपनी Waymo अमेरिका में अपनी रोबोटैक्सी सेवा का विस्तार करने के लिए चीन में बनी इलेक्ट्रिक वैन का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ये वाहन चीन की Geely Holding Group के ब्रांड Zeekr से मंगाती है, जिन्हें अमेरिका में Ojai नाम से पेश किया गया है। हालांकि, चीन में बने इन वाहनों में कैमरे, सेंसर और स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम इस्तेमाल किए जाने को लेकर अमेरिकी नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। आशंका है कि इन वाहनों के जरिए संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती है। वहीं, Waymo का कहना है कि उसकी गाड़ियों में प्रतिबंधित चीनी कनेक्टेड-कार तकनीक का इस्तेमाल नहीं होता और सुरक्षा जांच के बाद ही उनमें स्वचालित ड्राइविंग से जुड़े उपकरण लगाए जाते हैं।

चीन में बनी गाड़ियों को लेकर अमेरिकी नेताओं को क्या चिंता है?

अमेरिकी नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता का मुख्य कारण इन वाहनों में लगे कैमरे, सेंसर और कनेक्टेड सिस्टम हैं। उनका सवाल है कि क्या चीन में निर्मित वाहनों के हार्डवेयर के जरिए अमेरिका में इस्तेमाल के दौरान डेटा एकत्र किया जा सकता है या उसे किसी बाहरी सर्वर तक भेजा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Waymo वर्ष 2026 के अंत तक करीब 5,100 वाहन आयात कर सकती है। कंपनी का कहना है कि वह चीन से केवल वाहन मंगाती है और उनमें अमेरिका में विकसित स्वचालित ड्राइविंग उपकरण स्थापित करती है। यह काम एरिजोना स्थित उसकी सुविधा में किया जाता है।

Zeekr से Ojai बना नाम, कई अमेरिकी शहरों में चल रही सेवा

Waymo ने चीन की कंपनी Zeekr की इलेक्ट्रिक वैन को Ojai नाम दिया है। इन वाहनों का इस्तेमाल लॉस एंजिल्स, सैन फ्रांसिस्को और फीनिक्स जैसे अमेरिकी शहरों में किया जा रहा है। कंपनी दूसरे शहरों में भी अपनी ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा का विस्तार कर रही है।

Waymo के मुताबिक, वाहनों में उसके अपने सॉफ्टवेयर और सेंसर लगाए जाते हैं। कंपनी का दावा है कि वह सुरक्षा संबंधी परीक्षण करती है और लागू अमेरिकी नियमों का पालन सुनिश्चित करती है।

क्या गाड़ियों में छिपे सेंसर भेज सकते हैं डेटा?

अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन की पूर्व सलाहकार मिस्सी कमिंग्स ने इन वाहनों के पुर्जों और तकनीकी व्यवस्था की गहन जांच की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि यह पता लगाने के लिए कि गाड़ियों में वास्तव में कौन से उपकरण लगे हैं, उनका विस्तृत निरीक्षण किया जाना चाहिए।

कमिंग्स ने आशंका जताई है कि यह जांचना जरूरी है कि कहीं ऐसे सेंसर तो नहीं लगाए गए, जो डेटा रिकॉर्ड करके चीन भेज सकते हों। हालांकि, यह एक आशंका है और उपलब्ध जानकारी में ऐसे किसी डेटा हस्तांतरण की पुष्टि नहीं की गई है।

Waymo ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि उसके वाहनों की सुरक्षा जांच की जाती है। कंपनी का यह भी कहना है कि वह वाहन निर्माता के साथ यात्रियों की निजी जानकारी, वाहनों से जुड़ा तकनीकी डेटा, सोर्स कोड या अपने स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम द्वारा एकत्र किए गए डेटा साझा नहीं करती।

अमेरिका के नए नियम चीन की तकनीक पर कैसे लगाएंगे रोक?

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के नियमों के तहत वर्ष 2027 से वाहनों में चीन और रूस के कुछ सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू होना है। इसके बाद वर्ष 2030 से संबंधित हार्डवेयर पर भी प्रतिबंध की व्यवस्था है।

Waymo का कहना है कि उसके वाहन इन नियमों का पालन करते हैं, क्योंकि वह चीन से ऐसी गाड़ियां मंगाती है जिनमें प्रतिबंधित तकनीक शामिल नहीं होती। कंपनी के मुताबिक, वह वाहनों के इस्तेमाल से पहले यह सुनिश्चित करती है कि वे अमेरिकी सरकार के कनेक्टेड-वाहन संबंधी नियमों के अनुरूप हों।

Connected Vehicle Security Act 2026 क्या है?

अमेरिकी सांसद बर्नी मोरेनो और एलिसा स्लोटकिन ने Connected Vehicle Security Act 2026 नाम से एक विधेयक पेश किया है। इसका उद्देश्य चीन में निर्मित वाहनों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर सख्त कदम उठाना है।

हाउस चाइना सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष जॉन मूलनार ने चेतावनी दी है कि वाहनों में छिपा मैलवेयर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकता है। उनके मुताबिक, ऐसी तकनीक का दुरुपयोग होने पर एक साथ हजारों वाहनों को बंद करने या उन्हें खतरनाक तरीके से इस्तेमाल करने का जोखिम पैदा हो सकता है। यह उनका सुरक्षा संबंधी दावा है, न कि Waymo की गाड़ियों में मैलवेयर मिलने की पुष्टि।

बिल पास हुआ तो Waymo पर क्या पड़ेगा असर?

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के तहत चीन में बनी गाड़ियों को हटाने के लिए Waymo को तीन साल तक का समय मिल सकता है। इस स्थिति में कंपनी को वर्ष 2030 तक संबंधित नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

हालांकि, विधेयक को समिति से मंजूरी मिलने के बाद नवंबर में होने वाले चुनावों के कारण इस पर आगे की चर्चा रुक गई थी। इसलिए इसके अंतिम स्वरूप और लागू होने को लेकर स्थिति विधायी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

Waymo ने सुरक्षा और डेटा को लेकर क्या कहा?

Waymo का कहना है कि वह विदेशी कनेक्टेड-कार तकनीक पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का समर्थन करती है और सरकारी नियमों के अनुरूप काम करती है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, किसी भी वाहन को अपने बेड़े में शामिल करने से पहले उसके नियामकीय अनुपालन की जांच की जाती है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह यात्रियों की निजी जानकारी, वाहनों की तकनीकी रिपोर्ट और अपने स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम से जुटाए गए डेटा को वाहन निर्माता के साथ साझा नहीं करती। फिलहाल विवाद का मुख्य मुद्दा यही है कि चीन में बने वाहनों के हार्डवेयर की स्वतंत्र जांच और अमेरिकी नियमों के पालन को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंकाओं का समाधान किस तरह किया जाएगा।

 

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