गौतमबुद्धनगर में मौसम को लेकर हाई अलर्ट, आंधी-तूफान और वज्रपात से बचाव के लिए प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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गौतमबुद्धनगर: मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के बाद गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 28 मई से 31 मई तक संभावित आंधी-तूफान, तेज बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात को लेकर लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के निर्देश पर जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़े बदलाव की संभावना है। इस दौरान तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

29 मई को सबसे ज्यादा असर की संभावना

जिला प्रशासन के मुताबिक 29 मई को मौसम का प्रभाव सबसे अधिक रहने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान से बचाव के लिए लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।

ऑरेंज ज़ोन में गौतमबुद्धनगर, डाउनलोड करें ‘दामिनी’ और ‘सचेत’ ऐप

जिला आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि गौतमबुद्धनगर को संभावित खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज ज़ोन में रखा गया है। उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी अलर्ट और वज्रपात की पूर्व चेतावनी प्राप्त करने के लिए ‘दामिनी ऐप’ और ‘सचेत ऐप’ मोबाइल में डाउनलोड करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समय पर अलर्ट मिलने से लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। ‘दामिनी ऐप’ करीब 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में संभावित आकाशीय बिजली की चेतावनी देता है, जबकि ‘सचेत ऐप’ के जरिए मौसम और विभिन्न आपदाओं से जुड़ी एडवाइजरी प्राप्त की जा सकती है।

खराब मौसम में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंची इमारतों के पास शरण न लें। बच्चों को खुले मैदान में खेलने से रोकें और लोहे की खिड़कियों, दरवाजों, हैंडपंप तथा बिजली के उपकरणों को छूने से बचें।

धातु वाले छाते का इस्तेमाल न करने और खुले वाहनों में यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है। वज्रपात के दौरान तालाब, नदी और तैराकी जैसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन में शरण लें। खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं और बिजली के खंभों, हाईटेंशन तारों तथा पानी भरे स्थानों से दूरी बनाए रखें।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा सतर्क रहकर खुद और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

 

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