लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में युवती के साथ सरेराह मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ा अनुशासनात्मक एक्शन लिया है। रेलवे अस्पताल के पास हुई घटना में ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर शाहपुर थानाध्यक्ष और कौवाबाग चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं एक उपनिरीक्षक और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। एक होमगार्ड के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
रविवार देर रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने मामले की समीक्षा के बाद कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह और कौवाबाग चौकी प्रभारी दुर्गेश नंदिनी को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल अविनाश यादव और पीआरवी कांस्टेबल राजमंगल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। होमगार्ड हरिचरण राय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा निरीक्षक जितेंद्र सिंह को शाहपुर थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
कार की मामूली टक्कर के बाद भड़का विवाद
घटना गुरुवार शाम रेलवे अस्पताल के पास हुई थी। तारामंडल क्षेत्र की रहने वाली युवती अपने पिता को कार से अस्पताल ले जा रही थी। इसी दौरान कार और बाइक की हल्की टक्कर के बाद विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि बाइक सवार ने अपने साथियों को बुला लिया, जिसके बाद स्कॉर्पियो से पहुंचे लोगों ने कार में तोड़फोड़ की और युवती को बाहर खींचकर उसके साथ मारपीट की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती को बाल पकड़कर सड़क पर थप्पड़, लात और घूंसों से पीटा गया। इस दौरान वह लगातार मदद की गुहार लगाती रही, जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर कोई प्रभावी हस्तक्षेप न करने के आरोप लगे।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। वीडियो में पुलिसकर्मी आरोपियों को रोकने के बजाय मूकदर्शक दिखाई दिए। मामला तूल पकड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी मोहनापुर निवासी राज निषाद को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, छेड़छाड़, मारपीट और धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा आठ अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।