इंडिया एक्सपो मार्ट बना ‘नए उत्तर प्रदेश’ की आर्थिक ताकत का शोकेस, ग्लोबल बाजार से जुड़ रहा ‘ब्रांड यूपी’

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ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का मंगलवार शाम समापन हो गया। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह आयोजन अब उत्तर प्रदेश के उद्योग, उद्यमिता, निर्यात और वैश्विक कारोबार को एक मंच पर लाने वाले प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में अपनी पहचान बना चुका है। वर्ष 2003 में स्थापित इंडिया एक्सपो मार्ट पिछले चार वर्षों में प्रदेश के उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है।

उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर के बीच इंडिया एक्सपो मार्ट अब केवल प्रदर्शनी स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में विकसित एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ऐसे प्लेटफॉर्म यूपी के उत्पादों और उद्यमियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़ने में भूमिका निभा रहे हैं।

2003 में रखी गई नींव, अब बना वैश्विक व्यापार का बड़ा मंच

इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड का गठन 12 अप्रैल 2001 को हुआ था। वर्ष 2003 में ग्रेटर नोएडा स्थित परिसर की आधारशिला रखी गई और 2006 में इसका उद्घाटन हुआ। शुरुआत में स्थायी मार्ट और प्रदर्शनी अवसंरचना के जरिए भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया था।

समय के साथ यहां स्थायी शो-रूम, बड़े प्रदर्शनी हॉल, बिजनेस मीटिंग स्पेस, हॉस्पिटैलिटी और आयोजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित होती गईं। आज यह परिसर विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और कारोबार के नए अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध करा रहा है।

‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मंच बना यूपीआईटीएस

उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में ओडीओपी, निर्यात प्रोत्साहन, एमएसएमई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों के रूप में आगे बढ़ाया है। ऐसे में ट्रेड प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां प्रदेश के उत्पाद सीधे देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंच सकें।

इसी दिशा में वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत हुई। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का माध्यम बना है। इसके जरिए ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।

यूपीआईटीएस से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय कारोबार का दायरा

वर्ष 2025 के यूपीआईटीएस में 2,200 से अधिक प्रदर्शकों और 80 से अधिक देशों की भागीदारी दर्ज की गई थी। आयोजन के दौरान 288 एमओयू हुए, जिनका कुल घोषित मूल्य लगभग 89 करोड़ रुपये था।

वर्ष 2026 में आयोजन का विस्तार हुआ। चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 90 देशों की भागीदारी और 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हुए। आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों के साथ साझेदार देशों वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस की भागीदारी भी रही।

‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंच रहे यूपी के उत्पाद

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर के बीच यूपीआईटीएस एक व्यावहारिक मंच के रूप में सामने आया है। इंडिया एक्सपो मार्ट के स्थायी मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1,800 शो-रूम और 774 निर्यातकों की मौजूदगी दर्ज की गई।

इससे पूरे वर्ष खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था मजबूत हुई है। मार्ट सोर्सिंग डेज जैसे आयोजनों के जरिए खरीदार प्रमुख प्रदर्शनियों के बाहर भी उत्पादों और आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ सकते हैं। इस तरह व्यापारिक संपर्क केवल पांच दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सालभर चलने वाली व्यावसायिक गतिविधि का हिस्सा बनता है।

16 प्रदर्शनी हॉल और 76,484 वर्गमीटर ऑपरेशनल क्षेत्र

बढ़ती मांग के अनुरूप इंडिया एक्सपो मार्ट ने अपनी क्षमता में भी विस्तार किया है। 31 मार्च 2024 तक यहां 14 प्रदर्शनी हॉल संचालित थे, जबकि 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 16 हो गई।

इसी अवधि में ऑपरेशनल हॉल क्षेत्रफल 64,888 वर्गमीटर से बढ़कर 76,484 वर्गमीटर हो गया। यानी इसमें लगभग 17.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

हस्तशिल्प से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक, कई सेक्टरों का मंच

इंडिया एक्सपो मार्ट का विस्तार केवल क्षेत्रफल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां आयोजित होने वाले आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी भी बढ़ी है। परिसर में हस्तशिल्प और होम डेकोर से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग, फूड, हॉस्पिटैलिटी, पैकेजिंग और औद्योगिक तकनीक तक के आयोजन होते हैं।

आईएचजीएफ दिल्ली फेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो, बैटरी शो इंडिया, सीपीएचआई एंड पी-एमईसी इंडिया और इंडस फूड जैसे आयोजनों ने इसे विभिन्न उद्योगों के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाया है।

ट्रेड शो से होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा

इंडिया एक्सपो मार्ट का प्रभाव केवल प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों तक सीमित नहीं है। बड़े आयोजनों के दौरान होटल, परिवहन, कैटरिंग, स्टॉल निर्माण, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं और अन्य स्थानीय कारोबारों के लिए मांग पैदा होती है।

31 जुलाई 2026 तक मार्ट में 391 कर्मचारियों की संख्या दर्ज की गई थी। इसके अलावा प्रत्येक बड़े आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी सेवा प्रदाता भी इससे जुड़ते हैं। इस तरह ट्रेड शो से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ सेवा क्षेत्र और स्थानीय कारोबार के लिए भी अवसर पैदा होते हैं।

फिजिकल एग्जीबिशन से डिजिटल कॉमर्स तक बढ़ा दायरा

इंडिया एक्सपो मार्ट ने ट्रेड को केवल भौतिक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा है। एक्सपो डिजिटल इंडे और एक्सपोबाजार जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार और सप्लाई चेन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

यह मॉडल उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश के बाजार से आगे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने की दिशा में विकसित किए जा रहे व्यापक व्यापारिक ढांचे का हिस्सा है।

जेवर एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी से मजबूत हुआ ग्रेटर नोएडा का कारोबारी महत्व

जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, दिल्ली-एनसीआर से निकटता और विकसित औद्योगिक बुनियादी ढांचे के साथ ग्रेटर नोएडा वैश्विक व्यापार और निवेश गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

इंडिया एक्सपो मार्ट इस बदलाव का प्रमुख हिस्सा है। यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को वैश्विक कारोबारी मंच से जोड़ने में भूमिका निभा रहे हैं। यूपीआईटीएस ने इस कड़ी को और मजबूत किया है। एक ओर प्रदेश के छोटे उद्यमी और कारीगर अपने उत्पादों के साथ वैश्विक खरीदारों तक पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी कंपनियां और निवेशक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को करीब से समझ रहे हैं।

भविष्य के लिए और विस्तार की तैयारी

इंडिया एक्सपो मार्ट ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रदर्शनी कारोबार के विस्तार की योजनाएं भी सामने रखी हैं। हॉल संख्या 4 और 6 के नवीनीकरण तथा हॉल संख्या 18 के विकास जैसी योजनाएं इसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में हैं।

इसके साथ ही मनी अल्फा 360°, प्रोसेस इंजीनियरिंग एक्सपो एंड कॉन्फ्रेंस और भारत सस्टेनेबिलिटी एक्सपो जैसे नए आयोजनों को विकसित किया जा रहा है।

 

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